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लोकसभा में 508 सवाल पूछकर प्रदेश के सांसदों में सबसे आगे रहे दुष्यंत चौटाला

Wed, 17 May 2017 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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गीता पढ़ाने की योजना पर बोले कि फिर स्कूलों और मदरसों में फर्क क्या रहेगा - फोटो : amar ujala
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हिसार के सांसद दुष्यंत चौटाला ने पिछले तीन साल में प्रदेश के सांसदों में सबसे अधिक 508 सवाल पूछे। सवाल पूछने में दूसरा नंबर करनाल के सांसद अश्विनी कुमार का रहा। कुरुक्षेत्र सांसद राजकुमार सैनी सवाल पूछने में सबसे फिसड्डी साबित हुए। संसद में बहस में हिस्सा लेने में अश्विनी कुमार सबसे पीछे रहे।      
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केंद्र सरकार के तीन साल पूरा होने पर सांसदों के रिपोर्ट कार्ड को जांचा तो पता लगा कि सवाल पूछने, बहस में हिस्सा लेने, प्राइवेट बिल पेश करने में सांसद दुष्यंत सबसे आगे रहे। 15वीं लोकसभा का पहला सत्र एक जून 2014 को शुरू हुआ था। लोकसभा में चले अब तक कुल सत्रों में लोकसभा सत्र का अंतिम दिन 12 अप्रैल 2017 था।

अंबाला से भाजपा सांसद कटारिया सवाल पूछने में तीसरे नंबर पर   
दुष्यंत चौटाला ने 15वीं लोकसभा में अब तक 508 सवाल पूछे हैं। करनाल से भाजपा सांसद अश्विनी कुमार 288 सवाल पूछकर दूसरे नंबर पर रहे। अंबाला से भाजपा सांसद रतनलाल कटारिया सवाल पूछने के मामले में तीसरे नंबर पर हैं। रतनलाल कटारिया ने अब तक कुल 245 और लिखित और मौखिक सवाल लोकसभा में पूछे हैं। रोहतक से कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने लोकसभा में मात्र 50 प्रश्न पूछे। लोकसभा में हुई बहस का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो 172 बहस में हिस्सा लेकर दुष्यंत अव्वल हैं। अंबाला से सांसद रतनलाल कटारिया 102 बहसों में बोले। कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने केवल 38 बार बहस में हिस्सा लिया।    
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लोकसभा में प्राइवेट मेंबर बिल के आंकड़ों पर गौर करें तो इसमें भी दुष्यंत चौटाला पहले नंबर पर हैं। उन्होंने 16 प्राइवेट मेंबर बिल लोकसभा के पटल पर रखे। कांग्रेसी सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने केवल दो प्राइवेट मेंबर बिल लोकसभा में पेश किए। प्रदेश से किसी भी भाजपा सांसद ने एक भी प्राइवेट मेंबर बिल लोकसभा में पेश नहीं किया।     
 
केंद्र सरकार के नियमों में कराया बदलाव     
दुष्यंत चौटाला ने अपने लोकसभा के गांव जुगलान में फ्री वाईफाई योजना के लिए सांसद निधि कोष से ग्रांट आवंटित कर दी। सरकार ने इसका प्रावधान न होने का हवाला देकर वाईफाई योजना को नामंजूर कर दिया। सांसद दुष्यंत चौटाला ने दो साल तक इस मुद्दे पर लड़ाई जारी रखी। आखिर केंद्र सरकार ने सांसद निधि कोष से वाईफाई के लिए धन आवंटित करने का प्रावधान किया।
           
राव इंद्रजीत सिंह, कृष्णपाल गुर्जर नहीं लिस्ट में शामिल
लोकसभा में केवल सांसदों को सवाल पूछने का अधिकार होता है। मंत्रियों को इस लिस्ट से बाहर रखा जाता है। गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह और फरीदाबाद के सांसद कृष्णपाल गुर्जर केंद्र सरकार में मंत्री होने के कारण उनका रिकॉर्ड इस लिस्ट में नहीं है। प्रदेश के आठ सांसदों का रिकॉर्ड ही उपलब्ध है। 
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