हरियाणा सरकार ने स्कूलों के अपग्रेडेशन और मान्यता संबंधी नियमों में ढील नहीं दी तो बड़े स्तर पर आंदोलन होगा।
बुधवार को प्राइवेट विद्यालय वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले प्राइवेट स्कूल प्रतिनिधियों की राज्यस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया।
बैठक में निजी स्कूलों को अपग्रेड किए जाने, मान्यता नियमों में फेरबदल करने और अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को स्थायी मान्यता दिए जाने की मांग पर भी चर्चा की गई।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि मांगों के लिए उन्होंने पहले भी सरकार से अनुरोध किया है।
उनके अनुरोध पर विचार नहीं किया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष कुलभूषण शर्मा एवं महासचिव रामअवतार शर्मा ने कहा कि मान्यता एवं अपग्रेडेशन संबंधी मामलों में जमीन की शर्त को हटाया जाना चाहिए।
वर्तमान में कई सरकारी स्कूल ऐसे हैं जिनके पास अपनी जमीन तक नहीं है। फिर प्राइवेट स्कूलों के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
स्कूलों को शॉप एक्ट में ना लाया जाए। स्कूल पहले ही सोसायटी एक्ट में हैं और टैक्स भर रहे हैं। ऐसे में शॉप एक्ट के तहत बेवजह के टैक्स की बजाय स्कूलों को सोसायटी एक्ट के तहत ही रखा जाए।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नियमावली के तहत वे दस फीसदी बीपीएल बच्चों को पढ़ाने के लिए तैयार हैं मगर उनके लिए अनुदान सरकार दे।
इस मौके पर अंबाला से बंसीलाल कपूर, जींद से वजीर ढांडा, राजेश मोर, पुरुषोत्तम, सोनीपत से श्यामलाल चावला, रोहतक से कुलदीप पूनिया, विजय टिटोली, संजीव भारद्वाज, पलवल से सतबीर पटेल, भिवानी से इंद्रसिंह श्योराण, सोमनाथ रहेजा, दयानंद भांभू, श्रद्धानंद शर्मा, कृष्ण कुमार यादव, शिवकुमार भारद्वाज, मुन्नालाल कादमा, हरीसिंह बौद, धनसिंह अग्रवाल, हनुमान प्रसाद अग्रवाल मौजूद थे।