हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) की डॉ. भीमराव आंबेडकर लाइब्रेरी ने शोध कार्यों को सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क (इन्फ्लिबनेट), गांधीनगर के साथ शोधचक्र (रिसर्च साइकिल) के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है। शोधचक्र, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की मार्गदर्शिका में शैक्षणिक समुदाय को उनके शोध जीवन चक्र के दौरान सहयोग प्रदान करेगा।
जीजेयू के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि शोध किसी समस्या या प्रश्न की वैज्ञानिक जांच की प्रक्रिया है। शोध की सही पद्धति अपनाने से सामाजिक परिवर्तन और मानव जीवन को सरल बनाने में मदद मिलती है। शोधचक्र 950 से अधिक विश्वविद्यालयों में शोध कार्य को प्रारंभ से लेकर जमा करने तक ट्रैक करने में सक्षम मंच है जिससे शोध प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। डॉ. नरेंद्र कुमार को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि ओपन एआई और चैटजीपीटी के युग में तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में शैक्षणिक गतिविधियों में नवीनतम तकनीक को अपनाना समय की मांग है और यह मंच शोध क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।
पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि शोधचक्र एक साझा डिजिटल मंच के रूप में कार्य करेगा जहां शोधकर्ता, गाइड और विश्वविद्यालय अपने शोध कार्य को संग्रहित, व्यवस्थित और उद्धृत कर सकेंगे। शोधकर्ता इस मंच पर अपनी प्रोफाइल बना सकते हैं और प्राथमिकताओं का प्रबंधन कर पाएंगे। इस अवसर पर प्रो. विनोद छोकर, डॉ. एसएस जोशी और सोम दत्त भी उपस्थित रहे।