हांसी ब्लॉक में पराली जलाने के मामले में इस बार नारनौंद सबसे आगे है। नारनौंद में अब तक पराली जलाने के 25 मामले आ चुके हैं। नारनौंद के गांव भैणी अमीरपुर में सबसे ज्यादा पराली जली है। जिसके चलते गांव को रेड जोन में डाल दिया गया है। पराली जलाने के बढ़ते मामलों व दीपावली पर हुई आतिशबाजी के बाद हवा प्रदूषित हो गई है। मंगलवार को हवा की गुणवत्ता 363 तक पहुंच गई।
अब तक हांसी, नारनौंद व बास में पराली जलाने के 36 मामले सामने आए हैं। इसमें 33 किसानों पर जुर्माना लगाया गया है। नारनौंद में पांच किसानों पर एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। नारनौंद का भैणी अमीरपुर गांव पराली जलाने के मामले में सबसे आगे हो गया है। यहां बढ़ रहे पराली जलाने के मामलों के कारण गांव को रेड जोन में डाल दिया गया है। पहले यह गांव रेड जोन में नहीं था। वहीं बीते वर्ष तक सिसाय गांव जो रेड जोन में था, वहां अभी तक एक भी पराली जलाने का मामला सामने नहीं आया है। बीते वर्ष औरंगशाहपुर गांव भी रेड जोन में था। यह गांव अब येलो जोन में है।
कृषि विभाग के अनुसार छह या अधिक बार पराली जलाने पर गांवों को रेड जोन में रखा जाता है। जबकि दो से पांच बार के बीच पराली जलाने वाले गांव को येलो जोन में रखा जाता है। पराली जलाने वाले किसानों को मिलने वाली सुविधाएं समाप्त हो जाएंगी। अगर गांव येलो से ग्रीन जोन में आया तो ग्राम पंचायत को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। रेड से ग्रीन जोन में आने वाली ग्राम पंचायत को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
पराली जलाने के मामले में नारनौंद सबसे आगे है। भैणी अमीरपुर गांव को रेड जोन में डाल दिया गया है। - डॉ. आईडी कौशिक, तकनीकी सहायक, कृषि विभाग