हिसार। चार दिनों तक हुई बारिश के बाद जिले के कई गांवों में जलभराव हो गया। जिस कारण सैकड़ों किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। रविवार व सोमवार को अवकाश के दिन भी किसान अपनी शिकायतें लेकर उपमंडल कृषि अधिकारी कार्यालय पहुंचे। मंगलवार को भी किसानों की शिकायतें स्वीकार की जाएंगी। एक अनुमान के अनुसार करीब एक हजार शिकायत मिल चुकी हैं। शिकायतों का आंकड़ा 4 हजार तक पहुंच सकता है।
सितंबर महीने में औसतन 65 एमएम बारिश होती है। इस बार 139 एमएम बारिश हो चुकी है। सामान्य से 213 गुणा अधिक बारिश से धान, कपास, बाजरा की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उकलाना, बरवाला, नारनौंद, हांसी उपमंडल में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। जिसके बाद किसानों ने फसल बीमा कंपनी को शिकायत दी है। नियमों के अनुसार जलभराव के 72 घंटे के अंदर शिकायत देना जरूरी है। शनिवार को भी बारिश हुई थी। ऐसे में मंगलवार शाम 5 बजे तक किसानों की शिकायतें ली जाएंगी। बुधवार को पता लग सकेगा कि कितने किसानों को नुकसान हुआ। बता दें कि यह बीमा कराने वाले किसान ही अपनी शिकायत दे रहे हैं। जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया उनके आवेदन नहीं लिए जा रहे। ऐसे किसानों को नुकसान का मुआवजा मिलने के लिए अभी कोई प्रावधान नहीं है।
फसलों को 70 प्रतिशत तक नुकसान
किसान नेता अनिल मान नलवा ने कहा कि बारिश के कारण नलवा विधनासभा क्षेत्र के गोरछी, चौधरीवास, भेरियां, पनिहार, मुकलान व कालवास में नरमा, बाजरा, मूंग, ग्वार की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बाजरे व मूंग की कटी फसल में खराबा लगातार बढ़ रहा है। नरमा में 70 प्रतिशत नुकसान पहुंचा है टिंडों में पानी भरने के कारण टिंडा काला पड़ गया है और खिली हुई नरमा, कपास नीचे गिर गई है। विशेष गिरदावरी करवा कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
70 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे सरकार
टैक्स ट्रिब्यूनल के पूर्व न्यायिक सदस्य एडवोकेट हरपाल बूरा ने कहा कि पिछले एक सप्ताह में हुई भारी बारिश से हांसी विधानसभा क्षेत्र के गांवों में धान, बाजरा, मूंग , कपास को 50 से 90 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। सरकार की ओर से अब तक गिरदावरी के आदेश नहीं दिए गए। जल्द से जल्द विशेष गिरदावरी कराई जाए किसानों को प्रति एकड़ 70 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए। किसानों को शिकायत दर्ज कराने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अगस्त के नुकसान पर अब तक नहीं फैसला
इससे पहले अगस्त महीने में बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा था। कृषि विभाग ने इसकी सर्वे रिपोर्ट भी उच्च अधिकारियों को भेजी थी। जिसके लिए अब तक कोई एलान नहीं किया गया। अगस्त महीने में 13 से 15 अगस्त तक भारी बारिश से फसलों को 20 से लेकर 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था।