हिसार। मानसून अक्षय रेखा (टर्फ लाइन) राजस्थान तक खिसक गई है। इस कारण हरियाणा में बारिश की गतिविधियों में कमी आई है। इस वजह से दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक दो-तीन दिन के अंतराल के बाद प्रदेश में फिर से मानसून की गतिविधियों में तेजी आएगी।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इस कारण पश्चिमी राजस्थान पर कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके असर से मानसून अक्षय रेखा प्रदेश के दक्षिणी हिस्से की तरफ राजस्थान तक पहुंच गई है। फिलहाल मानसून टर्फ बीकानेर, बनस्थली, शिवपुरी, सीधी, चाईबासा और दीघा से होकर दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
इस कारण बुधवार को प्रदेश के दक्षिणी जिलों में बूंदाबांदी की गतिविधियां दर्ज की गईं, जिससे अधिकतर स्थानों पर दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। तापमान में बढ़ोतरी और नमी के कारण आमजन को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
दो इनसेट-
यह होती है मानसून टर्फ
यह अक्षय रेखा हर बरसात में बनती है। यह मानसून आने से लौटने तक बनी रहती है। यह मौसम प्रणालियों के संयुक्त असर से उत्तरी और दक्षिणी होती रहती है। इसी के इर्द-गिर्द मानसूनी बारिश की गतिविधियां देखने के लिए मिलतीं हैं। विपरीत हवाओं और बंगाल की खाड़ी से लगातार आने वाली नमी से बादल विकसित करने में इसकी अहम भूमिका होती है।
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आगे ऐसा रहेगा मौसम
मानसून अक्षय रेखा के दक्षिणावर्ती होने से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में बारिश में कमी आएगी। हालांकि इस दौरान कहीं-कहीं बिखराव वाली हल्की बारिश होती रहेगी। इस रेखा के ऊपर आने तक हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में मानसून कमजोर रहेगा। संभावना है कि दो से तीन बाद एक विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से रेखा फिर से उत्तर की तरफ आएगी, जिससे प्रदेश में फिर से मानसून रफ्तार पकड़ेगा।