पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में कमजोर पड़ चुका मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश में लगातार दूसरे दिन वीरवार को उत्तरी और मध्य जिलों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने 5 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में, विशेषकर उत्तरी जिलों में, मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, 2 सितंबर से सक्रिय हुए मध्यम श्रेणी के पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है। इसके साथ ही राज्य से अगले 10 से 12 दिनों के भीतर मानसून की विदाई के आसार भी बन रहे हैं।
क्षेत्रवार कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत में पश्चिमी विक्षोभ का सीधा असर रहेगा। यहां गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश की संभावना है। हिसार, रोहतक, जींद, कैथल, फतेहाबाद और सिरसा में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं। गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और भिवानी में भारी बारिश के आसार कम हैं, हालांकि स्थानीय स्तर पर बूंदाबांदी से मौसम सुहावना बना रहेगा।
तापमान में गिरावट
लगातार बारिश और बादलों की आवाजाही के चलते प्रदेश में दिन का अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें बीते 24 से 48 घंटों में औसतन 1 से 2 डिग्री की गिरावट आई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 5 सितंबर के बाद सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ेगा और महीने के दूसरे पखवाड़े तक मानसून वापसी की ओर बढ़ेगा।