हांसी। आखिरकार वीरवार को मानसून ने दस्तक दे दी। सुबह बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। पहले दिन 12 एमएम बारिश से ही निचले क्षेत्रों में जलभराव ने एक बार फिर प्रशासिनक दावों की पोल खोल दी। लोग जब घरों से काम के लिए निकले तो सड़कों पर जलभराव से परेशानी हुई। बस स्टैंड सहित शहर के कई हिस्सों में शाम को 12 घंटे बाद जल निकासी नहीं हुई।
वीरवार सुबह 5 बजे से तेज हवाएं चलने लगी। कुछ देर बाद बूंदाबांदी का दौर चला। फिर तेज बारिश हुई। बारिश के बाद लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की। हालांकि दोपहर को फिर से उमस ने पसीने छुड़ाए।
अव्यवस्था...नालों की नहीं हुई सफाई :
शहर में पानी की निकासी बरसाती नालों व सीवरेज के माध्यम से होती है लेकिन नगर परिषद के नालों की अभी तक पूरी तरह सफाई नहीं हुई है। दो दिन पहले ही सीटीएम ने नालों की सफाई जांची तो उन्हें नालों में गाद जमा मिली थी। परिषद के 10 मुख्य नालों में से 50 प्रतिशत नालों की ही सफाई हुई है। नगर परिषद के पास सक्कर मशीन न होने के कारण नालों की सफाई नहीं हो पा रही। आंबेडकर चौक से बस स्टैंड तक नाले की सफाई सक्कर मशीन के जरिए होनी है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बारिश के बाद फिर से सीवरेज लाइनों की सफाई की जाएगी।
जलभराव से बंद हुईं दुकानें
एसडी कॉलेज रोड पर जलभराव के चलते दुकानें बंद रही। इसके अलावा बड़सी गेट से विश्वकर्मा चौक, उमरा गेट से तिकोना पार्क तक जलभराव से दुकानें देरी से खुली। शाम तक एसडी कॉलेज रोड, आंबेडकर चौक, बस स्टैंड सहित कई मुख्य मार्गों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। बस स्टैंड पर बारिश का पानी भरने से हालात बदतर हो गए। बसों तक पहुंचने के लिए यात्रियों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। स्थानीय निवासी महावीर सिंह का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।
आराेप-जलभराव से निपटने के लिए तैयारी अधूरी
बारिश से हुए जलभराव व ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रवासी महावीर सिंह, आनंद ने कहा कि वीरवार को बरसात के बाद हुए जलभराव से अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन की जलभराव से निपटने के लिए तैयारी पूरी नहीं है। सुबह हुई बारिश का पानी 12 घंटे बाद भी नहीं निकला। ऐसे में मानसून में जलभराव की स्थिति बनी रहने की आशंका है।
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शहर के पानी की निकासी दो दिशाओं में होती है, जिसमें लगभग दो-तिहाई पानी लालपुरा की ओर तथा एक-तिहाई भिवानी रोड की तरफ जाता है। मानसून की शुरुआत में ड्रेनेज लाइनों की सफाई निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। पहली बारिश में कचरा और सॉलिड वेस्ट मैनहोल के माध्यम से लाइनों में पहुंचकर जाम की स्थिति पैदा करता है। मौसम विभाग ने आगामी दो-तीन दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद ड्रेनेज सफाई अभियान फिर चलाया जाएगा जल ताकि निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
- संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।