हरियाणा में मानसून एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार 17 सितंबर तक प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश होगी। हालांकि 18 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा, जिसका असर प्रदेश पर भी पड़ने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि प्रदेश में 22 अगस्त से अब तक लगातार मानसून ब्रेक की स्थिति बनी हुई है, जिससे उमस और पसीने वाली गर्मी अपने तेवर दिखा रही है। मगर 9 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से नमी वाली हवाओं का रूख मैदानी राज्यों की तरफ होने लगा है। इसके असर से आंशिक बादलवाही के साथ-साथ हल्की बिखराव वाली बारिश की गतिविधियों को दर्ज किया जा रहा है।
वर्तमान में मौसम प्रणाली मध्य प्रदेश पर सक्रिय है। साथ ही एक कम दबाव का क्षेत्र अरब सागर पर बन गया है। इसकी वजह से 14 से 17 सितंबर के दौरान प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी जिलों नूंह, पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पंचकूला व अंबाला में मध्यम व तेज बारिश और दक्षिणी जिलों महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, चरखी दादरी पर हल्की से मध्यम बारिश, मध्य हरियाणा कैथल, जींद, रोहतक व झज्जर में भी हल्की बारिश और पश्चिमी जिलों सिरसा, फतेहाबाद, हिसार व भिवानी पर केवल बिखराव वाली बूंदाबांदी की गतिविधियों की संभावना बन रही है।
भारतीय मौसम विभाग ने संपूर्ण इलाके पर येलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी पर एक नया कम दबाव का क्षेत्र भी 18 सितंबर को बनने जा रहा है, जो 20 से 23 सितंबर के दौरान प्रभावित कर सकता है। मंगलवार को प्रदेश में अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान 34.0 से 39.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस से 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदेश में बारिश की स्थिति
शहर बारिश एमएम में
- हिसार 5.6
- करनाल 0.6
- रोहतक 1.2
- झज्जर एडब्ल्यूएस 3.0
- कुरुक्षेत्र केवीके 26.5
- महेंद्रगढ़ केवीके 15.0
नोट : बारिश का यह आंकड़ा सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे से मंगलवार सुबह साढ़े 8 बजे तक का है