मिर्जापुर रोड पर श्रीनगर कॉलोनी में सड़क का उद्घाटन करने गए बरवाला हलके के विधायक रामनिवास घोड़ेला ने निगम के एक जेई को कथित रूप से थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद विधायक के साथ पहुंचे समर्थकों ने जेई को सड़क पर लेटाकर जमकर पीटा।
विधायक को गुस्सा इस बात का था कि उनके आने से पहले नगर निगम मेयर ने मोहल्ले के ही एक बुजुर्ग से नारियल फुड़वाकर गली का उद्घाटन करवा दिया। विधायक के साथ पहुंचे सात-आठ लोगों ने निगम के एमई का भी पीछा किया। मौके से एमई दीवार कूदकर भाग खड़े हुए। दूसरी तरफ एक्सईएन ने तुरंत गाड़ी दौड़ाकर उनकी जान बचाई। मोहल्लेवासियों ने रोष स्वरूप विधायक का पुतला फूंका। नगर निगम अधिकारी रोषस्वरूप डीसी से मिले। डीसी के बीच-बचाव के बाद विधायक ने माफी मांगकर विवाद को शांत किया।
शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे नगर निगम के एक्सईएन रामजीलाल, एमई अमित कौशिक और जेई भरत जून श्रीनगर कॉलोनी में सड़क निर्माण के उद्घाटन की तैयारियों को लेकर मोहल्ले में पहुंचे। उद्घाटन का समय 10 बजे का था। मेयर शकुंतला राजलीवाला ठीक समय पर मौके पर पहुंच गई। विधायक के पास समर्थक सहित कई लोग बार-बार फोन करते रहे, लेकिन विधायक उसी क्षेत्र में किसी समर्थक के घर बैठे थे। व्यस्त होने के चलते उन्होंने फोन पर इंतजार करने की बात कही। 10 बजकर 52 मिनट पर लोगों की मांग पर मेयर ने मोहल्ले के एक बुजुर्ग से गली का उद्घाटन करवा दिया। मौके पर विधायक का बेटा सुरेश भी मौजूद था। उद्घाटन करने के तुरंत बाद ही मौके पर विधायक घोडे़ला पहुंचे। उन्होंने गाड़ी से उतरते ही कहा कि लाओ भई नारियल उद्घाटन करते हैं। इस पर मोहल्लेवासियों ने कहा कि सर उद्घाटन तो हो गया, आप लेट पहुंचे हैं। इस पर विधायक को गुस्सा आ गया। जेई का आरोप है कि विधायक ने उसका गला पकड़ लिया और उसे थप्पड़ मार दिया। इसके बाद उसके समर्थकों ने पकड़कर उन्हें सड़क पर लेटाकर पीटा। भीड़ ने उन्हें छुड़वाया।
पूरे दिन इस मामले को लेकर नगर निगम से लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही। निगम की टेक्निकल विंग ने दो दिन तक हड़ताल की घोषणा कर दी और नगर निगम कर्मचारियों ने काम छोड़ हड़ताल की घोषणा कर दी।
नगर निगम के जेई के साथ मारपीट की घटना के बाद निगम अधिकारी तुरंत डीसी एमएल कौशिक के पास शिकायत लेकर पहुंचे। उन्हें शिकायत देने के बाद अधिकारी एकत्रित होकर मिलगेट चौकी चले गए।
दोपहर को डीसी एमएल कौशिक ने निगम अधिकारियों और विधायक के पास फोन किया। डीसी के सामने विधायक, निगम अधिकारी और सात पार्षद मौके पर पहुंचे। इस दौरान हजकां और इनेलो के समर्थक भी थे। करीब 15 मिनट तक यही बात चलती रही कि विधायक ने मुझे थप्पड़ मारा। विधायक कहते रहे मैंने नहीं मारा, समर्थकों ने जरूर मारा होगा। आखिर डीसी ने मौके पर मौजूद लोगों से जानकारी ली। नगर निगम में चालक मंजीत ने कहा कि विधायक ने मेरे सामने जेई जून को थप्पड़ जड़ा था। निगम अधिकारी मौके पर अड़ गए कि विधायक सार्वजनिक रूप से निगम पहुंचकर माफी मांगे।
डीसी के साथ बैठक के बाद विधायक नगर निगम पहुंचे। नगर निगम पहुंचते ही उन्हें आगे इनेलो के समर्थक मिले। विधायक की बात पूरी होने से पहले ही नलवा हलका से इनेलो नेता राजेंद्र चुटानी ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके कारण वार्ता असफल हो गई और विधायक गेट से ही वापस चले गए। राजेंद्र चुटानी ने भी आरोप लगाए कि विधायक उन्हें देख लेने की धमकी देकर गए हैं। बाद में करीब 25 मिनट बाद विधायक दोबारा नगर निगम आए। उन्होंने एमई और जेई को गले लगा लिया।
जानकारी मिलने के बाद जिला परिषद के चेयरमैन राजेंद्र सूरा भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने स्थानीय लोगों से मामले की पूरी जानकारी ली। चेयरमैन ने कहा कि वह पीड़ितों का साथ देेंगे। किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
विधायक रामनिवास घोड़ेला ने समझौते के बाद कहा कि ऐसा कुछ नहीं था। कुछ गलतफहमी थी। मेरे समर्थक उग्र हो गए थे। जेई साहब हमारे छोटे भाई हैं। इनके बगैर न हमारा काम चलता और न ही इनका।
नगर निगम के जेई भरत जून ने कहा कि विधायक रामनिवास घोड़ेला ने नगर निगम कार्यालय में आकर सबके सामने माफी मांग ली है। मैंने उन्हें माफ कर दिया है। उन्होंने कहा कि आगे से निगम के किसी भी कर्मचारी के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न हो।