आश्रम बस्ती से लगभग दो माह पहले लापता हुई दो महिलाओं की बरामदगी की मांग को लेकर सोमवार दोपहर बाद लोगों ने जमकर बवाल काटा।
पहले लोगों ने भिवानी रोड पर आधा घंटे तक जाम रखा। फिर गुस्साए लोगों ने रोहतक रोड चौक पर जींद-रोहतक राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। जाम से जींद-रोहतक, जींद-भिवानी, जींद-हांसी और जींद-बरवाला मार्ग बाधित रहे।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस लापता दोनों महिलाओं का सुराग लगाने में नाकाम रही है जबकि आरोपियों के नाम भी पुलिस को दिए जा चुके हैं लेकिन पुलिस महज खानापूर्ति पूरी करके मामले को रफा दफा करने की कोशिश कर रही है।
जाम की सूचना पाकर डीएसपी धर्मबीर सिंह पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले को गंभीरता से जांच करने सहित अन्य पहलुओं को खंगालने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। लगभग ढाई घंटे लगे जाम के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आश्रम बस्ती से आठ नवंबर रात को आंगनबाड़ी वर्कर संतोष और उसके पड़ोस में रहने वाली वृद्ध महिला ब्रह्मी देवी लापता हो गई थीं। इस मामले को लेकर सोमवार सुबह काफी संख्या में लोग आश्रम बस्ती में इकट्ठे हुए।
कालोनीवासियों का आरोप है किपुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। पुलिस ने इस मामले में संतोष के पति रामदिया और एक अन्य युवक को गिरफ्तार भी किया था लेकिन पुलिस के हाथ खाली रहे। दोनों महिलाओं के लापता होने के बाद लगभग दस दिन तक विभिन्न संगठनों ने लघु सचिवालय के बाहर धरना भी दिया था। उस समय अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि दोनों महिलाओं को जल्द ही सुराग लगा लिया जाएगा।
इसके अलावा विभिन्न संगठनों ने शहर में रोष प्रदर्शन भी किए थे। ब्रह्मीदेवी के बेटे राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उसकी मां और संतोष की षड्यंत्र के तहत हत्या की गई है और शवों को खुर्द-बुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने महज औपचारिकता पूरी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया लेकिन तथ्यों को खंगालने की कोशिश नहीं की। गुस्साए लोग पहले भिवानी रोड चौराहे पर पहुंचे और जाम लगा दिया।
लगभग आधा घंटे तक जींद-भिवानी मार्ग बाधित रहा। बाद में लोग पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोहतक रोड बाईपास चौराहे पर पहुंचे और जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना पाकर डीएसपी धर्मबीर सिंह पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंच गए और लोगों को मामले की तह तक जाने का आश्वासन देकर शांत किया। लगभग ढाई घंटे लगे जाम के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।