जन परिवाद समिति की बैठक में सड़कों के गड्ढों के लिए मंत्री का व्हाट्स एप नंबर पूछने पर डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि वह तो पीडब्ल्यूडी मंत्री से ही पूछना। आजाद नगर-गंगवा रोड पर सितंबर से पहले राहत नहीं मिलेगी। सेक्टर एरिया की सड़कों को लेकर भी अभी तक बजट और मंजूरी का इंतजार करना होगा। पिछले दो साल से हर बार बदहाल सड़कों का मुद्दा आने के बाद भी सड़कों में सुधार नहीं हुआ।
बुधवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में जन परिवाद समिति की बैठक जन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने ली। मीटिंग में सात नंबर शिकायत समिति के सरकारी सदस्यों की ओर से रखी गई थी। सड़कों की बदहाली के बारे में सदस्यों ने 10 अप्रैल को यह शिकायत दी। शिकायत की सुनवाई होने लगी तो समिति का कोई सदस्य खड़ा नहीं हुआ। समिति सदस्य प्रवीण जैन ने बताया कि उन्होंने हिसार-स्याहड़वा रोड और हिसार-गंगवा रोड की जांच की थी। मंगाली, कैमरी, स्याहड़वा में कुछ एरिया में सड़कें टूटी हुई हैं। गंगवा-आजाद नगर के बीच रोड काफी टूटा हुआ है। इस पर कांग्रेसी नेता रणधीर पनिहार ने कहा कि पिछले दो साल से इस सड़क का यही हाल है। यहां पेचवर्क तक नहीं कराया जा रहा। डीसी निखिल गजराज ने गंगवा-आजाद नगर के बीच सड़क की हालत सुधारने के बारे में अधिकारियों से पूछा तो अधिकारियों ने कहा कि 30 सितंबर तक इसे ठीक कर पाएंगे। डीसी ने कहा कि यह लंबा समय है, आप इसे किसी भी हालत में 30 जुलाई तक पूरा करें। अधिकारी ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए मना कर दिया। डीसी बोले, चलो 15 अगस्त तक करा देना। पीडब्ल्यूडी अधिकारी ने कहा कि ऐसा नहीं हो पाएगा।
डॉ. योगेश बिदानी ने कहा कि हुडा सेक्टर एरिया की सड़कों की हालत खराब है। यहां हुडा वाले निगम की जिम्मेदारी बताते हैं। निगम वाले हुडा पर डाल देते हैं। सड़कों को लेकर कोई अपनी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
अमर उजाला टीम ने मंत्री डॉ. बनवारी लाल से पूछा कि पिछले साल 26 मई को पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा था छह महीने बाद गड्ढा दिखे तो मेरे मोबाइल नंबर पर व्हाट्स एप कर देना। एक साल बाद भी न गड्ढे भरे, न ही मंत्री जी आए। मंत्री जी का व्हाट्स वाला नंबर भी किसी को नहीं मिला। इस पर डॉ बनवारी लाल ने कहा कि इसका जवाब तो पीडब्ल्यूडी मंत्री ही देंगे। हरियाणा में कुछ हद तक सड़कों की हालत सही है। जहां सड़क खराब होंगी, उन्हें दुरुस्त कराने के आदेश दिए हैं।
सेक्टर की सड़कों के लिए अभी चंडीगढ़ में अटकी मंजूरी
नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी की ओर से लिखित जवाब में बताया गया कि सीएम की घोषणा के अनुसार 27 करोड़ 80 लाख रुपये का एस्टिमेट बनाकर शहरी स्थानीय निकाय निदेश को भेजा हुआ है। इसमें हुडा से निगम को सौंपे गए सेक्टर की सड़कों के एस्टिमेट भी हैं। सेक्टर की सड़कों पर करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यालय से प्रशासकीय स्वीकृति तथा ग्रांट मिलने के बाद सड़कों को दुरुस्त कराएंगे।
हर बार सड़कों की बदहाली
जन परिवाद समिति की पिछले दो साल से हो रही हर मीटिंग में बदहाल सड़कों का मुद्दा रहता है। इसके बाद भी सड़कों की हालत में अधिक सुधार नहीं आया। सीएम की ओर से आजाद नगर-गंगवा के बीच की सड़क को दुरुस्त करने के आदेश करीब दो साल पहले दिए गए थे।