हांसी। करीब 24 घंटे पहले बेटी के मायके आने पर तिकोना पार्क के समीप सेठी चौक स्थित कृष्ण कथूरिया का घर-आंगन खुशियों से महक रहा था। बेटी महक को सेवइयां पसंद थी तो मां ने पहले जीभर के हाथों से खिलाया और बाद में खाने के लिए आधा किलो सेवइयां उसे दे भी दीं। लेकिन, किसे पता था यह मुलाकात न भूलने वाली याद बन जाएगी।
सोमवार शाम करीब पौने छह बजे जैसे ही उसका शव घर पहुंचा परिजनों ही नहीं वहा मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं। सबके मन में यह सवाल था कि कैसे उनकी बेटी को दामाद अंशुल ने मौत के घाट उतार दिया। देर शाम सिसाय रोड स्थित स्वर्ग आश्रम में महक का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के घर पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है।
परिजनों का कहना है कि महक रविवार शाम को मायके आई थी। वह जल्द फिर मिलने का वादा करके घर से निकली थी लेकिन ताउम्र साथ निभाने का वादा करने वाले ने अंशुल ने एक ही झटके में भरोसा और उनकी बेटी की जिंदगी की डोर तोड़ दी।
महक की शादी 25 सितंबर 2025 को हिसार के सेक्टर 33 निवासी अंशुल धवन से हुई थी। अंशुल का परिवार भी मूल रूप से हांसी के रूप नगर कॉलोनी का रहने वाला है। परिजनों के अनुसार शादी के बाद दोनों खुशहाल थे। अनबन की पहले कभी कोई बात सामने नहीं आई थी। पिछले महीने अंशुल ने नई कार भी खरीदी थी। रविवार को महक और अंशुल हिसार से गुरुग्राम जा रहे थे और हांसी में भी रुके। रात को अंशुल के पिता का फोन आया कि महक की हत्या कर दी गई है।
महक को शांत और मिलनसार बता रहे पड़ोसी
परिवार के अनुसार महक करीब साढ़े पांच वर्षों से एचडीएफसी बैंक में डिप्टी मैनेजर के रूप में कार्यरत थी और नरवाना में भी ड्यूटी कर चुकी थी। फिलहाल उसकी ड्यूटी गुरुग्राम में थी। वह दो माह की गर्भवती थी। आस-पड़ोस के लोग महक को शांत और मिलनसार बता रहे हैं। उसके पिता कृष्ण कथूरिया सब्जी मंडी में सब्जी की दुकान चलाते हैं। माता डिंपल गृहिणी है। बड़ी बहन श्रुति विवाहित है। भाई अक्षय अविवाहित है और मेडिकल रिप्रजेंटेटिव का काम करता है।