हिसार। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने सोलर मॉडल विलेज की प्रगति रिपोर्ट तलब करते हुए अधिकारियों को सोलर परियोजनाओं की प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। करीब एक साल बाद भी सोलर मॉडल विलेज के चयन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने की खबर को अमर उजाला ने 16 जुलाई के अंक में प्रकाशित किया था। इसके बाद निगम ने इस दिशा में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं।
एमडी ने अधिकारियों से कहा कि निगम के लक्ष्य के अनुसार प्रतिमाह करीब 8 हजार रूफटॉप सोलर (आरटीएस) कनेक्शन स्थापित किए जाएं। साथ ही हरियाणा में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं। सभी अधीक्षण अभियंताओं (एसई) को अपने-अपने क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए चिन्हित भूमि का विवरण जल्द मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
उपभोक्ता सेवाओं और प्राथमिकता वाले कार्यों पर नजर
प्रबंध निदेशक ने निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को उपभोक्ता सेवाओं और प्राथमिकता वाले कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने सेवा पोर्टल की सुरक्षा, ईवी कनेक्शन, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति, मुख्यमंत्री विंडो से जुड़े मामलों और पीडीसीओ मामलों की निगरानी कर समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रूफटॉप सोलर कनेक्शनों में तेजी लाना जरूरी है। इससे स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ता ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे। अधिकारियों को सभी प्राथमिकता वाले कार्यों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कार्यों की प्रभावी निगरानी हो सके।
डीएचबीवीएन क्षेत्र में 40 सौर ऊर्जा संयंत्र चालू
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने प्रधानमंत्री कुसुम (पीएम-कुसुम) योजना के कंपोनेंट-ए के तहत सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता को 69.25 मेगावाट तक पहुंचा दिया है। हाल ही में सात नए सौर ऊर्जा संयंत्र चालू होने के बाद निगम क्षेत्र में संचालित सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। डीएचबीवीएन के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि 10 जुलाई को नारनौल सर्किल में चार सौर ऊर्जा संयंत्र (कुल क्षमता 8 मेगावाट) शुरू किए गए।
इससे पहले 7 जुलाई को भिवानी सर्किल के गांव सिवानी और पिंजोखरा स्थित 33 केवी सब-स्टेशनों खेड़ा और पिंजोखरा से जुड़े तीन सौर ऊर्जा संयंत्र (कुल क्षमता 5 मेगावाट) चालू किए गए। उन्होंने बताया कि अब तक 61 सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) किए जा चुके हैं। इन परियोजनाओं की कुल प्रस्तावित क्षमता 105.75 मेगावाट है। लक्ष्य है कि 31 मार्च 2027 तक सभी स्वीकृत परियोजनाओं को पूरा कर राज्य के विद्युत ग्रिड से जोड़ दिया जाए।