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Hisar News: कचरा प्रोसेसिंग प्लांट को लेकर मेयर ने किया निराश, अब मंत्री से आस

Fri, 21 Jul 2023 12:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हिसार। कचरा प्रोसेसिंग प्लांट को लेकर जगह-जगह विरोध हो रहा है। मेयर प्लांट के लिए जमीन फाइनल कराने में कामयाब नहीं हो सके। ऐसे में अब निगम प्रशासन को निकाय मंत्री से समाधान निकालने की आस है। मेयर ने कहा कि अब निकाय मंत्री से पातन में हो रहे विरोध का बातचीत के माध्यम से समाधान करवाने या प्लांट के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध करवाने की मांग की जाएगी। निकाय मंत्री अभी शहर में नहीं हैं। उनके शनिवार तक हिसार में आने की संभावना है।
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बता दें कि पहले ढंढूर फिर सातरोड और अब पातन में भी कचरा प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का विरोध हो गया है। पातन सहित आसपास के गांवों की पंचायतों ने साफ कह दिया है कि वे पातन गांव में प्लांट नहीं लगने देंगे। अगर निगम प्रशासन ग्रामीणों के विरोध के बाद यहां प्लांट लगाता है तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
जमीन मालिक ने संयुक्त आयुक्त को फैसले से अवगत करवाया
उधर, पातन गांव में हुई बैठक में लिए गए फैसले के बाद जमीन मालिक आशीष जोशी वीरवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया से मिलने पहुंचा। उनकी अनुपस्थिति में जमीन मालिक ने संयुक्त आयुक्त प्रीतपाल से मुलाकात की और उन्हें ग्रामीणों के निर्णय से अवगत करवाया। इस पर संयुक्त आयुक्त ने उनसे कहा कि आज निगम कार्यालय में बैठक होगी, जिसमें इस मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी।
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15 ट्रैक्टर-ट्रॉली व 2 लोडर लेने के लिए टेंडर खोला
वीरवार को निगम में 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली व 2 लोडर किराये पर लेने के लिए टेंडर खोला गया। अब एजेंसी को शुक्रवार को मोलभाव के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद उसे वर्क अलॉट कर दिया जाएगा। फिलहाल निगम के पास खुद के 11 और ठेकेदार के 29 ट्रैक्टर-ट्रॉली हैं। इसके अलावा डोर टू डोर कचरा उठाने के लिए 34 टिप्पर हैं।
मेयर ने अधिकारियों के साथ किया विचार विमर्श
मेयर ने सफाई के मुद्दे पर निगमायुक्त व स्वच्छता शाखा के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों के सफाई के संसाधनों के बारे में रिपोर्ट ली। मेयर ने कहा कि शहर में करीब 85 हजार प्रॉपर्टी हैं, जहां से उन्हें कचरे का उठान करना है। इस हिसाब से उन्हें जितने भी संसाधनों की जरूरत है तो किराये पर ले लिए जाए। मेयर ने कहा कि अधिकारी टिप्पर किराये पर लेने को लेकर भी टेंडर लगाए।

एचएसवीपी के सेक्टरों का भी आज तक नहीं हुआ टेंडर
एचएसवीपी के अधीन आने वाले सेक्टरों की सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। सफाई का पुराना टेंडर को खत्म हुए 6 माह से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन आज तक नया टेंडर नहीं हो सका है। अधिकारी जुगाड़ सिस्टम से इन सेक्टरों का काम चला रहे हैं। सेक्टरवासियों की मानें तो उनके घरों से एक दिन छोड़कर एक दिन कचरे का उठान किया जाता है। हालांकि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि सप्ताह में दो दिन सड़कों पर झाडू भी लगेगी। मगर झाडू वाले कभी दिखाई ही नहीं देते।

अब मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के सामने ही इस मामले को रखा जाएगा और इसका समाधान करवाने की मांग की जाएगी। निगम ने सफाई व्यवस्था में और सुधार लाने के लिए 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली का टेंडर खोल दिया है। जल्द ये संसाधन निगम को मिल जाएंगे। - गौतम सरदाना, मेयर
सेक्टर की सफाई व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। घरों से कचरा तो जैसे-तैसे करके उठ रहा है, लेकिन सड़कों पर झाडू नहीं लग रही है। सेक्टर में जगह-जगह लगे हुए कचरे के ढेर उठाए नहीं जा रहे हैं। सिर्फ आश्वासन में ही अधिकारियों ने आधा साल निकाल दिया है। - कर्नल चंद्र रेड्ढू, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 3-5
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