हांसी। फसल खरीद में नए नियम लागू करने के विरोध में 20 अप्रैल को 3 घंटे प्रदेश के सभी मार्केट कमेटी कार्यालयों का घेराव कर विरोध जताया जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार को जाट धर्मशाला में आयोजित संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में लिया गया। बैठक में बिजली लाइनों से शॉर्ट सर्किट अन्य कारणों से गेहूं में हुई आगजनी की घटनाओं पर फसल के पूरे नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर नीति बनाने की मांग उठाई गई है।
बैठक की अध्यक्षता रणबीर मलिक, सुरेश कोथ, विकास सीसर, हरजिंदर नानूआना ने संयुक्त तौर पर की। किसान नेताओं ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से मंडी में फसल बिक्री के नए नियम जबरदस्ती लागू किए जा रहे हैं। उसके पीछे भाजपा सरकार की मंशा न केवल किसानों को तंग करने की है।
बैठक में संगठन की ओर से केंद्र सरकार की ओर से भाखड़ा व्यास मैनेजमेंट बोर्ड में हरियाणा पंजाब के प्रतिनिधियों की बजाय केंद्र से नियुक्ति करने की मांग रखी गई। साथ ही प्रदेश सरकार की तरफ से बिजली के निजीकरण के उद्देश्य से बनाए गए नए निगम का भी विरोध किया गया है।
इसके माध्यम से सरकार मंडियों को बंद करना चाहती है ये सब ऑनलाइन पोर्टल और खरीद में बायोमेट्रिक प्रणाली किसानों को सुविधाओं से वंचित करने की है। इस मौके पर बैठक में बलबीर सिंह, कंवरजीत सिंह, सुखविंदर रतिया, मास्टर सतीश, डॉ. सुखदेव जम्मू, सतबीर बोहल, आदि शामिल रहे।