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मानसून की सक्रियता में 5-6 दिन की देरी, तब तक सताएगी गर्मी

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हिसार। जून माह के मध्य में मानसून की टर्फ रेखा हरियाणा में पहुंची, लेकिन यह अंबाला से आगे नहीं बढ़ पाई और प्रदेश अब तक मानसून का इंतजार कर रहा है। अमूमन 5 जुलाई तक पूरे हरियाणा को कवर करने वाला मानसून इस बार 5 जुलाई के आसपास सक्रिय हो सकता है।
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एचएयू के कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खिचड़ ने बताया कि फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा 19 जून से बाड़मेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, अलीगढ़, मेरठ, अंबाला, अमृतसर पर ही बनी हुई है। मानसूनी हवाओं के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां, पश्चिमी विक्षोभ के चलते ऊपरी सतह की अधिक ऊंचाई वाली पश्चिमी हवाओं (9 किलोमीटर ऊपर) के चलने के कारण नहीं बन पा रही हैं। मानसून टर्फ उत्तर में ऊपर हिमालय की तलहटियों की तरफ बढ़ने के कारण मानसूनी हवाएं नीचे की तरफ हरियाणा की ओर नहीं बढ़ पा रही और पहाड़ों पर बारिश कर रही है।
अब तक प्री-मानसून और पश्चिमी विक्षोभ की हुई बारिश
प्रदेश में जून माह में अब तक अच्छी बारिश हुई। यह बारिश प्री-मानसूनी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई थी। एचएयू के कृषि मौसम विभाग के अनुसार, हिसार में जून माह में अब तक 72 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर 51.0 एमएम बारिश ही होती है।
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मानसून पूर्वानुमान -
एचएयू के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खिचड़ के अनुसार, प्रदेश में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील और खुश्क रहेगा। इस दौरान तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी और बीच-बीच में आंशिक बादल व धूल भरी हवाएं चलने की भी संभावना है।
कब-कब हुई मानसून की दस्तक -
वर्ष - मानसून की दस्तक
2013 - 16 जून
2014 - 03 जुलाई
2015 - 25 जून
2016 - 02 जुलाई
2017 - 12 जुलाई
2018 - 28 जून
2019 - 16 जुलाई
2020 - 26 जून
1951 में हो गई थी करीब एक माह की देरी
हरियाणा में मानसून आने में वर्ष 1951 में अब तक की सबसे बड़ी देरी हुई थी और यह 29 जुलाई को हरियाणा में प्रवेश कर पाया था। वहीं, मानसून के सबसे जल्दी आने की बात करें तो यह वर्ष 1966 में 14 जून को ही हरियाणा में प्रवेश कर गया था।
कोट -
देश में 3 जून से 14 जून तक मानसून सामान्य तौर पर आगे बढ़ता रहा, लेकिन इसके बाद विभिन्न कारणों से अनुकूल परिस्थितियां नहीं होने के कारण यह आगे नहीं बढ़ा। इस तरह मानसून ब्रेक आना एक सामान्य मौसमी घटना है, जब हवाएं हिमालय की तलहटियों की ओर चली जाती है। अब 5 जुलाई के आसपास मानसूनी हवाओं के सक्रिय होने की संभावना है। ऐसे में मानसूनी हवाओं की सक्रियता में 5-6 दिन की देरी हो सकती है।
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- प्रो. मदन खिचड़, अध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार।
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