हिसार। जींद के कालवन गांव निवासी राममेहर हत्याकांड में सेशन जज अलका मलिक की अदालत ने आरोपी मनोज को दोषी करार दिया है। कोर्ट अब इस मामले में 17 अप्रैल को सजा सुनाएगी। राममेहर का शव सरसौद गांव के पास संदिग्ध हालात में मिला था। इस बारे में नवंबर 2022 में बरवाला थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार शिकायतकर्ता नरवाना निवासी धर्मपाल ने बताया था कि राममेहर उसके चचेरे भाई सुरेश का बेटा था। 13 नवंबर 2022 की शाम करीब 6 बजे राममेहर अपने घर पर मौजूद था तभी उसके पास एक फोन आया। फोन आने के बाद वह किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ घर से चला गया। उसी रात करीब 8 बजे राममेहर ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिये अपने मामा के बेटे बालसमंद निवासी अनिल से बात की। बातचीत के दौरान राममेहर ने बताया था कि वह गाड़ी में बैठा है और कुछ देर बाद बात करेगा। इसके बाद उसका कोई संपर्क नहीं हो पाया। अगली सुबह करीब 7 बजे बरवाला थाने से सूचना मिली कि राममेहर का शव गांव सरसौद के पास मिला है। पुलिस ने धर्मपाल के बयान पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी मनोज को 10 अप्रैल को दोषी करार दिया था।