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Hisar News: हत्या की धारा जुड़ते ही मनोज गिरफ्तार, तीन दिन के रिमांड पर

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बास। गांव सिंघवा खास में कुआं पूजन समारोह के दौरान हुई फायरिंग में दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल अमरजीत सिंह की मौत के मामले में हत्या की धारा जोड़ने के बाद थाना बास पुलिस ने भिवानी के शांतिनगर निवासी मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। बास थाने से जांच अधिकारी जयसिंह के अनुसार 23 सितंबर को समारोह में नाचते समय फायरिंग की जा रही थी। इसी दौरान चली गोली अमरजीत सिंह के पैर में लगी। गंभीर रूप से घायल अमरजीत को पहले भिवानी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से हिसार रेफर कर दिया गया। 24 सितंबर की रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक की पत्नी के बयान पर 24 सितंबर को थाना बास में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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परिजनों की मांग पर 27 सितंबर को मामले में हत्या की धारा जोड़ी गई थी। इसके बाद अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। परिजनों ने जींद जिले के गांव रोजला में अमरजीत का अंतिम संस्कार किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय दस्तावेजों को भी जांच का हिस्सा बनाया है।
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सुरेंद्र को मनोज ने ही दिया था हथियार

मृतक की पत्नी रिंकू ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि कुआं पूजन समारोह में सभी लोग नाच रहे थे। इसी दौरान एएसआई सुरेंद्र उनके पति अमरजीत को एक तरफ ले गया। कुछ देर बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर अमरजीत के पैर में गोली लगी मिली। इसके बाद सुरेंद्र के साथी उसे भिवानी के निजी अस्पताल लेकर गए थे। रिंकू ने आरोप लगाया था कि अमरजीत को समय पर इलाज नहीं मिला। अगर समय पर उपचार मिलता तो उसकी जान बच सकती थी। पुलिस मनोज कुमार की ओर से अपने दोस्त सुरेंद्र कुमार को हथियार उपलब्ध करवाने के मामले की भी जांच कर रही है। मनोज को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया जहां से उसे तीन दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, गोली चलने की परिस्थितियों और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र को हथियार मनोज ने ही दिया था और मनोज घटना के समय मौके पर नहीं था। अब पुलिस यह भी जांच करेगी कि सुरेंद्र को दिया गया हथियार लाइसेंसी है या नहीं और लाइसेंस होने की स्थिति में वह किसके नाम पर है।
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