गेहूं का उठान नहीं होने से अटी पड़ी अनाजमंडी का रविवार को एसडीएम ने दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ठेकेदारों के साथ बैठक कर खिंचाई की, जिसके बाद रविवार को अनाजमंडी से करीब 25 हजार बोरियों का उठान हुआ। वहीं, रविवार की छुट्टी होने के कारण गेहूं की बोली नहीं लगी। हालांकि कुछ किसान गेहूं लेकर आए थे।
अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर कार्रवाई करते हुए रविवार को एसडीएम ने अनाजमंडी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वेयर हाउस का भी दौरा किया। उठान में देरी के लिए अधिकारियों और ठेकेदारों के साथ बैठक कर उन्हें जल्द उठान के निर्देश दिए, जिसके बाद रविवार को करीब 25 हजार बोरों का उठान हो गया, जबकि इससे पहले प्रतिदिन 8 से10 हजार बोरियों का ही उठान हो पा रहा था। उठान होने से मंडी के व्यापारियों और गेहूं लेकर आने वाले किसानों को कुछ राहत मिली है। शेड के बाहर सड़कों पर भी गेहूं पड़ी हुई थी। लेकिन अब सड़कों पर रास्ता बन गया है।
इसके साथ ही मंडी के तीनों गेट भी खोल दिए गए हैं, जिन्हें गेटमैन नहीं होने के कारण गेहूं चोरी होने के डर से नहीं खोला जा रहा था। वहीं, छुट्टी होने के कारण रविवार को गेहूं की बोली नहीं लगाई गई। गेहूं लेकर आए किसानों की बोली सोमवार को लगेगी।
अनाज मंडी में गेहूं की बंपर आवक के मुकाबले उठान नहीं हो पाने की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। लेबर की कमी का हवाला देकर मंडी से गेहूूं का उठान नहीं किया जा रहा था। मंडी में शनिवार तक 1 लाख 86 हजार 210 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई थी। उठान नहीं होने के कारण मंडी की लगभग सभी सड़के भी गेहूं से भर गई थीं।
अनाजमंडी का दौरा कर ठेकेदारों और अधिकारियों की मीटिंग ली है। अब उठान शुरू हो गया है। सोमवार को भी मंडी का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा।
अशोक कुमार बंसल, एसडीएम हिसार