हिसार। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील जिंदल की अदालत ने ईंट-भट्ठे पर काम करने वाली नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के करीब चार साल पुराने मामले में आरोपी राकेश उर्फ काकू को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2022 में 17 वर्षीय नाबालिग पीड़िता ने सदर भिवानी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में मामला हिसार पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि घटना से करीब एक साल पहले वह परिवार के साथ भिवानी के एक ईंट-भट्ठे में काम करने गई थी।
अप्रैल 2021 की रात करीब 12 बजे जब वह पेशाब करने के लिए झुग्गी से बाहर निकली तो अंधेरे में पीछे से अज्ञात युवक ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़िता ने बताया कि युवक करीब 27-28 साल का था लेकिन अंधेरे के कारण उसे पहचान नहीं पाई।
पीड़िता ने बताया कि वह स्लेट लिखने में इस्तेमाल होने वाला बरती खाती थी इसलिए शुरू में पेट दर्द को उसी का असर समझा। लेकिन 24 जनवरी 2022 की रात जब दर्द असहनीय हो गया तो उसने अपनी मां को बताया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने बताया कि वह गर्भवती है।
पीड़िता ने स्पष्ट किया कि अप्रैल 2021 की उस रात हुए दुष्कर्म के कारण ही वह गर्भवती हुई। पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की और बाद में राकेश उर्फ काकू को गिरफ्तार किया था। शनिवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है.