फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राखी गढ़ी में मिले नर कंकाल हैं साढ़े चार हजार साल पुराने : प्रोफेसर शिंदे

विज्ञापन
गांव राखी गढ़ी में खुदाई का फाइल फोटो। - फोटो : Hisar
विज्ञापन
नारनौंद उपमंडल के गांव राखी गढ़ी में मिले अवशेषों की तीन साल तक जांच होने के बाद रिपोर्ट में सामने आया है कि आर्य देश में बाहर से नहीं आए थे। आर्य भारत के मूल निवासी थे और जिसको लेकर वैज्ञानिकों ने नर कंकालों का डीएनए टेस्ट करवाया है। नर कंकालों की डीएनए रिपोर्ट प्राचीन आर्यन के डीएनए से मेल नहीं खाती है। भारत के मूल निवासियों ने खेती, शिकार व पशुपालन करना सीखा था और भारत में आर्य के आक्रमण जैसे कोई बात नहीं है। यह बात पुरातत्व विद प्रोफेसर वसंत शिंदे ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कही।
विज्ञापन

हमारे ही लोगों ने बसाई थी हड़प्पा सभ्यता
उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक गांव राखीगढ़ी के आसपास करीब आठ हजार साल पहले भी मानव सभ्यता मौजूद थी। आज का राखीगढ़ी, उस दौर में देश का पहला सुनियोजित नगर (प्लांड सिटी) हुआ करता था। यह खोज देश-दुनिया का इतिहास बदलने वाली है, क्योंकि अब तक पाकिस्तान (तब भारत वर्ष का हिस्सा) के सिंध प्रांत में सिंधु घाटी के आसपास बसी 6500 साल पुरानी हड़प्पा सभ्यता को देश की सबसे पुरानी सभ्यता माना जाता था। हड़प्पा सभ्यता बाहर के लोगों ने नहीं, हमारे ही लोगों ने बसाई थी, इसलिए हरियाणा को क्रेडल ऑफ इंडियन सिविलाइजेशन माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें