तीन साल पहले 70 लाख की लागत से तैैयार हुए नए मेयर कार्यालय व मीटिंग हाल की छत की फॉल सीलिंग गिरने के मामले को लेकर मंगलवार को टेक्निकल टीम के साथ मेयर ने छत पर जाकर निरीक्षण किया। मेयर व निगम अधिकारियों ने जहां-जहां पांव रखे वहां-वहां छत की टाइलें ही धंस गई। ऐसा निर्माण देखकर मेयर चौंक गई। उन्होंने निगम एक्सईएन रामजीलाल को साफ-साफ कहा कि निगम में ही ऐसा काम हो रहा है तो बाहर कैसा हो रहा होगा। मेयर ने कहा कि मेरा ये काम देखकर विश्वास उठ गया है।
दबी जुबान से बोले अधिकारी मामला गंभीर
दबी जुबान से अधिकारी बोल रहे हैं कि मामला गंभीर है। इसकी जांच की जानी चाहिए। नगर निगम की बिल्डिंग का ये हाल तो बड़ी ही शर्मनाक बात है। अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इसमें अधिकारियों की लापरवाही साफ झलक रही है।
बिना ई टेंडर के हुआ काम, मनमर्जी के ठेकेदार को दिया काम
कांग्रेस सरकार में तीन साल पहले यह काम बिना ई टेंडर किए विभागीय अधिकारियों की अनुमति से किया गया था। चहेते ठेकेदार को यह काम दिया गया था। इतना ही नहीं जिस ठेकेदार ने मीटिंग हाल, मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के कार्यालय का ठेका लिया था उसी ठेकेदार को ही मिलीभगत कर बिना ई टेंडर के ही फॉल सीलिंग का काम ठेके पर दे दिया।
एक्सपर्ट व्यू
ये हो सकते हैं कारण
- आउटलेट का पाइप बंद होने से छत पर पानी एकत्रित होने से।
- छत पर बिछाई गई टाइलों पर लगाई गई सीमेंट में घटिया सामग्री का यूज किया गया।
- टाइलें बिछाते समय छत का लेवल सही न हो जाने से।
- कमजोर लेंटर लगाने से।
हाउस में उठा था मुद्दा
मेयर शकुंतला राजलीवाला ने इस मामले को सोमवार को ही हाउस में भी उठाया था। ठेकेदार को निगम का कोई ठेका ही न दिए जाने की बात कही गई थी। साथ ही उसे ब्लैक लिस्ट पर दोषी अधिकारियों व ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग रखी गई थी।