हांसी। पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर जारी किसान आंदोलन की वर्तमान स्थिति और आंदोलन की आगामी रणनीति पर चर्चा के लिए जाट धर्मशाला में किसानों ने एक बैठक आयोजित की।
बैठक में भारतीय किसान नौजवान यूनियन के अध्यक्ष अभिमन्यु कौहाड़ ने बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के एक वर्ष पूरा होने पर 11 से 13 फरवरी तक होने वाली महापंचायत के लिए किसानों को निमंत्रण दिया। साथ ही खेड़ी चौपटा में बीते वर्ष किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने का मुद्दा 14 फरवरी को सरकार के साथ होने वाली वार्ता में रखने की बात कही। कौहाड़ ने बताया कि किसान आंदोलन का एक वर्ष पूरा होने पर आगामी 12 फरवरी को खनौरी-दाता सिंह वाला बॉर्डर, 11 फरवरी को शंभू बॉर्डर व 13 फरवरी को रतनपुरा बॉर्डर पर किसान महापंचायतों का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि पिछले 63 दिनों से खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अपने आमरण अनशन के 55वें दिन केंद्र सरकार से वार्ता का लिखित प्रस्ताव मिलने के बाद उपचार लेना आरंभ किया है। उम्मीद है कि 14 फरवरी को चंडीगढ़ में केंद्र सरकार के मंत्रियों की मौजूदगी में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और अन्य आंदोलनकारी किसान नेताओं के साथ होने वाली बैठक में सरकार की तरफ से मांगों को पूरा करने की घोषणा की जाएगी।
बैठक में पिछले वर्ष खनौरी बॉर्डर पर जाने के लिए खेड़ी चौपटा में एकत्रित हुए किसानों पर किए गए लाठीचार्ज को लेकर चर्चा हुई। जिसको लेकर अभिमन्यु कौहाड़ ने कहा कि खेड़ी चौपटा में किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमों के मुद्दे को 14 फरवरी को सरकार के मंत्रियों के साथ संयुक्त किसान मोर्चा गैर राजनीतिक व किसान मजदूर मोर्चा की होने वाली बातचीत में उठाया जाएगा।
बैठक में मौजूद केंद्रीय मंत्रियों से कहा जाएगा कि स्थानीय प्रशासन ने धरना उठाने की शर्त पर मुकद्दमे को खारिज करने का वादा किया था। लेकिन अब प्रशासन अपनी बात से मुकर रहा हैं। इस मुकद्दमे को तुरंत समाप्त करके सरकार अपना वादा पूरा करे। इस दौरान किसान नेता दशरथ मलिक, हर्षदीप गिल, कुलदीप खरड़, कैलाश मलिक मौजूद रहे। संवाद