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महंत चंदन पुरी को पुलिस ने समाधा मंदिर में जाने से रोका

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महंत मंदिर का प्रबंधन लेने के लिए पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। - फोटो : Hisar
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हांसी। प्रसिद्ध समाधा मंदिर का स्वामित्व लेने के लिए बुधवार को महंत चंदनपुरी अपने समर्थकों के साथ मंदिर पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के एहतियातन डीएसपी विनोद शंकर की उपस्थिति में भारी पुलिस तैनात रहा। डीएसपी ने उन्हें मंदिर के अंदर जाने से रोका तो महंत के साथ उनकी बहस हो गई। पुलिस का कहना है कि पहले आप कोर्ट के आर्डर दिखाएं तभी आप मंदिर में जा सकते हैं। महंत ने कहा कि वे जल्द ही इस संबंध में हिसार की सभी खापों की पंचायत बुलाएंगे।
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मंदिर के बाहर महंत चंदनपुरी समाधा ने दावा किया कि अदालत ने उनके अधिकार को स्वीकार कर लिया है। अब पुलिस का कर्तव्य बनता है कि कानून व्यवस्था के अंतर्गत व भक्तों की इच्छा अनुसार उन्हें मंदिर का चार्ज सौंप दिया जाए और सुरक्षा भी प्रदान की जाए। पुलिस ने उनसे वह कागजात दिखाने को कहा जिसमें उनको मंदिर में उनके अधिकार को स्वीकार किया है। जिसे लेने के लिए महंत जब कोर्ट गए तो उनके समर्थक मंदिर के आगे ही डटे रहे।
महंत चंदन पूरी ने कहा कि मुझे समाधा मंदिर जाने से रोका जा रहा है। जबकि 2019 में कोर्ट ने मेरे हक में फैसला सुनाया था और मंदिर का मुझे ही वारिस माना था। मगर पुलिस प्रशासन बिना वजह परेशान कर रही है। अब कोर्ट के फैसले को भी मानने के लिए तैयार नहीं है। हम हिसार की डीसी से मुलाकात करने के लिए पहुंचे थे मगर वह कार्यालय में नहीं मिले। अब जल्द ही हिसार जिले की खापों से मिल कर पंचायत करेंगे।
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गौरतलब है कि बाबा जगन्नाथपुरी अखाड़े में महंत चंदनपुरी को महंत नियुक्त किया है। 6 अप्रैल को महंत चंदनपुरी पर हमला कराने वाले कथित आरोपी पंचमपुरी जेल भेज दिया गया था। कुछ दिन पूर्व महंत चंदनपुरी कई साधु-संतों व श्रद्धालुओं के साथ डीएसपी विनोद शंकर से मिले और सुरक्षा के अंतर्गत उन्होंने मंदिर का स्वामित्व शांतिपूर्वक ग्रहण कराने के लिए ज्ञापन दिया था।
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