हिसार। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) में प्राध्यापक संघ ने सुबह 10 बजे वीसी कार्यालय के सामने प्रदेश सरकार के संस्कारम वीएलडीए व वेटनरी कॉलेज को लुवास से लेकर प्राइवेट यूनिवर्सिटी को देने के निर्णय के विरोध में धरना दिया। इसमें विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के साथ-साथ छात्रों व नॉन टीचिंग कर्मचारियों ने भी धरने में भाग लिया। इस दौरान जुलूस भी निकाला गया।
धरने को संबोधित करते हुए लुवास्टा के प्रधान डॉ. अशोक मलिक ने बताया कि राज्य सरकार पिछले सप्ताह एक कॉलेज व एक वेटनरी कालेज को लुवास से लेकर प्राइवेट विश्वविद्यालय के अधीन करने के आदेश पारित किए हैं। ये आदेश लुवास एक्ट की धारा 4 (1) और धारा 8 का उल्लंघन है क्योंकि कि इसमें लुवास को प्रदेश में पशु विज्ञान संबंधी डिप्लोमा व डिग्री देने का अधिकार है। राज्य सरकार द्वारा एक्ट में संशोधन किए बिना ऐसे आदेश जारी करना गैरकानूनी व असंवैधानिक है। इसके बाद सभी ने उपायुक्त कार्यालय तक जुलूस निकाला और लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जब तक प्रदेश सरकार निर्णय वापस नहीं लेती तब तक संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर लुवास प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ. अशोक मलिक, सचिव डॉ. स्वाति दहिया, उपाध्यक्ष डॉ. गौरव गुप्ता, कार्यकारिणी के सदस्य डॉ. सुरे छिकारा, डॉ. अंशुल लाठर, डॉ. गौतम, डॉ. जसमेर दलाल और विभिन्न विभागाध्यक्ष डॉ. गौतम, डॉ. राजेश छाबडा, डॉ. विकास नेहरा, डॉ. आनंद कुमार पाण्डेय, डॉ. अमन, लुवास नान टीचिंग के प्रधान दयानंद सोनी भी उपस्थित थे।