अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग से पहले लुवास्ता प्रेसिडेंट डॉ. जगवीर रावत ने प्रेसिडेंट पद से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही हाल ही सस्पेंड हुए लुवास्ता के संयुक्त सचिव डॉ. संदीप गुप्ता ने भी इस्तीफा दिया है। अब लुवास्ता के प्रेसिडेंट पद का चार्ज वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सज्जन सिहाग संभालेंगे। डॉ. रावत के इस्तीफा देने से लुवास्ता बिखरने से बच गया। बैठक के बाद सभी प्रोफेसर्स के चेहरों पर मायूसी दिखाई दी। इसके बाद डॉ. रावत ने कुलपति को चेतावनी दी है कि अगर उन पर कोई उत्पीड़न कार्यक्रम चलाने की सोच रहें हैं तो वे इससे पहले कई बार सोचें।
पूर्व निर्धारित तारीख के अनुसार शुक्रवार को सायं तीन बजे लुवास्ता प्रेसिडेंट डॉ. रावत को हटाने के लिए मीटिंग के बाद वोटिंग होनी थी। लेकिन वोटिंग होने से पहले ही डॉ. रावत ने इस्तीफा दे दिया। लुवास्ता सचिव डॉ. अशोक मलिक के अनुसार 152 में से 105 सदस्य मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि सबसे पहले प्रेसिडेंट डॉ. जगवीर मलिक पर लुवास्ता के विरुद्ध जाकर काम करने के आरोप पर चर्चा की गई। इसके बाद वोटिंग होने से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया। वहीं डॉ. रावत के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव तकनीकी रूप से फेल हो गया था। सभी अधिकारियों समेत 16 लोगों से गंगवा जमीन को लेकर कमेंट मांगा गया था, नहीं देने पर वोटिंग का अधिकार नहीं था। 16 लोगों ने वह नहीं दिया था। उन्होंने लुवास्ता को मत विभाजन से बचाने के लिए यह इस्तीफा दिया है। उन्होंने मीटिंग में हेेराफेरी कर बाहर के सेंटरों के सदस्यों को बुलाने की आलोचना की। अब जमीन प्रस्ताव मामले को लेकर लुवास्ता की मीटिंग 2-3 दिन में बुलाए जाने की चर्चा है।
यह है मामला
दस अगस्त को जमीन मामले को लेकर हुई एक मीटिंग के बाद लुवास के कुलपति और लुवास्ता के प्रेसिडेंट में तनातनी हो गई थी। इसके बाद लुवास्ता के प्रेसिडेंट डॉ. जगवीर रावत ने कुलपति को हटाने की मांग की थी। लुवास्ता के सचिव अशोक मलिक और कुछ अन्य प्रोफेसर्स भी पूरी तरह से लुवास्ता के प्रेसिडेंट के खिलाफ हो गए थे, जिससे लुवास्ता में दो फाड़ हो गई थी। इस बीच कुलपति ने डॉ. रावत के करीबी माने जाने वाले डॉ. युद्धवीर का ट्रांसफर कर दिया था और डॉ. संदीप राणा को सस्पेंड कर दिया था।
डॉ. रावत ने आम सभा का मूड देखते हुए इस्तीफा दिया है। हमने वोटिंग की तैयारी कर ली थी। लेकिन वोटिंग न होने से लुवास्ता में मतभेद होने से बच गया है। लुवास्ता के प्रेसिडेंट पद का कार्यभार अब वाइस प्रेजिडेंट सज्जन कुमार संभालेंगे।
- डॉ. अशोक मलिक, लुवास्ता सचिव
अविश्वास प्रस्ताव तकनीकी रूप से फेल हो गया था। लेकिन लुवास्ता में विचारों का भेद सतह पर न आए। इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ स्वच्छता अभियान जारी रहेगा। मैं चाहता हूूं कि मेरे कारण जिन दो लोगों पर कार्रवाई की गई है। कुलपति वो वापस लें और कुलपति मेरे ऊपर उत्पीड़न कार्यक्रम करने से पहले सोचें।
- डॉ. जगवीर रावत, पूर्व लुवास्ता अध्यक्ष