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लुवास्ता प्रेसिडेंट के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी

Sun, 21 Aug 2016 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
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luvas - फोटो : Bureau
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 लुवास में जमीन मामले को लेकर व्यक्तिगत आरोपों तक चली जंग में एक नया मोड़ आ गया है। लुवास की टीचर एसोसिएशन द्वारा प्रेसिडेंट के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की जा रही है। शनिवार को लुवास्ता सचिव डॉ. अशोक मलिक द्वारा कार्यकारिणी की मीटिंग बुलाई गई, जिसमें जनरल बॉडी की मीटिंग 26 अगस्त को बुलाने का फैसला लिया गया है। इस मीटिंग में लुवास्ता अध्यक्ष जगवीर रावत को प्रेसिडेंट पद से हटाने को लेकर अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होगी।
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अध्यक्ष पर लगाए ये आरोप
पिछले दस दिनों से जमीन मामले को लेकर चल रही तनातनी के बाद करीब 50 प्रोफेसर्स द्वारा लुवास्ता के सचिव डॉ. अशोक मलिक को लिखे गए एक पत्र के बाद यह मीटिंग हुई है। इस पत्र में करीब 50 प्रोफेसर्स ने प्रेसिडेंट पर लुवास्ता के विरुद्ध जाकर काम करने और पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए प्रेेसिडेंट को हटाने की मांग की है। वहीं प्रेसिडेंट पर स्वयं के दो एनजीओ के लिए लुवास्ता के प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने का भी आरोप लगाया है।

यह है मामला
दस अगस्त को जमीन मामले को लेकर हुई एक मीटिंग के बाद लुवास के कुलपति और लुवास्ता के प्रेसिडेंट के बीच ठन गई थी। इसके बाद लुवास्ता के प्रेसिडेंट डॉ. जगवीर रावत ने कुलपति को बर्खास्त करने की मांग की थी, जिसके बाद मामले में कई मोड़ आए। लुवास्ता के सचिव अशोक मलिक और कुछ अन्य प्रोफेसर्स भी पूरी तरह से लुवास्ता के प्रेसिडेंट के खिलाफ हो गए थे, जिससे लुवास्ता में दो फाड़ हो गई थी। हालांकि प्रेसिडेंट ने अंदरखाते सबको अपने पक्ष में बताया। बाद में फिर डॉ. जगवीर ने कुलपति और लुवास्ता के सचिव पर गठजोड़ कर हिंसा फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद शनिवार को कार्यकारिणी की यह मीटिंग बुलाई गई। अब सबकी निगाहें 26 अगस्त की होने वाली मीटिंग पर हैं।
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यह है अविश्वास प्रस्ताव पास होने की प्रक्रिया लुवास्ता के संयुक्त सचिव डॉ. संदीप कुमार के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव के लिए कुल सदस्यों के एक चौथाई द्वारा साइन करके प्रस्ताव देना होता है, जिसके बाद तीन दिनों में कार्यकारिणी की बैठक होनी होती है। इसमें जनरल बॉडी की मीटिंग की तारीख निर्धारित होती है, जो इस मामले में 26 अगस्त निर्धारित की गई है। जनरल बॉडी की मीटिंग में कुल सदस्यों के आधे सदस्यों का उपस्थित होना जरूरी है। कम से कम आधों के दो तिहाई लोगों का खिलाफ में वोट डालने से प्रस्ताव पास हो जाता है। लुवास्ता के कुल 152 सदस्यों के पास वोटिंग का अधिकार है।

मीटिंग में 26 अगस्त को बैठक कर प्रेसिडेंट के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग करवाने का फैसला लिया गया है। इस मीटिंग में जमीन के मामले पर भी विचार विमर्श होगा, जिसके बाद लुवास्ता जमीन को लेकर लिए गए मैच्योरिटी स्टैंड वाले फैसले के साथ खड़ी होगी। उन्होंने बताया कि वोटिंग प्रेसिडेंट की इच्छानुसार हाथ खड़े करवाकर या सीक्रेट वोटिंग से करवाई जाएगी।
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- डॉ. अशोक मलिक, लुवास्ता सचिव
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