भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) की टीम 4 अक्तूबर को लाला लाजपत राय पशु विज्ञान एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय (लुवास) का दौरा करेगी। यह टीम दो दिनों तक विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों, लैब, रिसर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर आदि का निरीक्षण करके रिपोर्ट तैयार करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही लुवास को आईसीआर द्वारा मान्यता दी जाएगी। रिपोर्ट तैयार होने के बाद 5 अक्तूबर की शाम को ही पता लग जाएगा कि विश्वविद्यालय को मान्यता मिली है या नहीं।
लाला लाजपतराय विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद यह पहली बार है, जब आईसीआर की टीम यहां का दौरा करने आ रही है। दरअसल किसी भी कृषि या पशुविज्ञान विश्वविद्यालय को आईसीएआर की मान्यता लेनी होती है। ताकि आईसीआर से रिसर्च व अन्य कार्यों के लिए ग्रांट मिल सके। 2010 में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से अलग होकर लुवास विश्वविद्यालय बना था। तब लुवास को एचएयू से एक वेटरिनरी कॉलेज दिया गया था। यह कॉलेज आईसीएआर से मान्यता प्राप्त था। जिसे आईसीएआर की ग्रांट मिलती रही है। अब विश्वविद्यालय के रूप में लुवास को आईसीएआर से मान्यता लेना जरूरी है। पशु विज्ञान विश्वविद्यालय को वीसीआई यानी वेटरिनरी काउंसिल ऑफ इंडिया से भी मान्यता लेनी होती है। जो विश्वविद्यालय को मिली हुई है।
चार सदस्य होंगे टीम में
आईसीएआर की तरफ से आने वाली टीम में चार सदस्य होंगेे। जो विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे। इस टीम में सभी सदस्य विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलपति, डीन डायरेक्टर आदि होते हैं। यह चार सदस्यीय टीम 3 अक्तूबर को रात को ही हिसार पहुंच जाएगी। इसके बाद चार और पांच अक्तूबर को यह टीम निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक लुवास का दौरा करेगी।
प्रेजेंटेशन तैयार, दुल्हन की तरह सज रही लुवास
आईसीएआर की टीम के आने से पहले लुवास को दुल्हन की तरह से सजाया जा रहा है। सभी भवनों में साफ-सफाई हो चुकी है। मरम्मत का काम भी पूरा हो चुका है। टीम के सामने रखे जाने वाली प्रेजेंटशन की भी तैयार है। हालांकि इससे पहले आईसीएआर को विश्वविद्यालय ने सेल्फ रिपोर्ट भी भेज दी थी। अब भवनों पर रंग-रोगन कर उन्हें नया रूप दिया जा रहा है। सड़कों पर तारकोल व बजरी डालकर चकाचक बनाया गया है। वहीं तैयारियों को लेकर शनिवार को छुट्टी के दिन भी अधिकारी लगे हुए थे। देर शाम तक बैठकों का दौर चल रहा था।
विद्यार्थियों और प्रोफेसर्स से जानेगी विश्वविद्यालय की गुणवत्ता
आईसीआर की टीम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से भी रूबरू होगी। वह विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय में मिलने वाली सुविधाओं और पढ़ाई की गुणवत्ता के बारे में जानेगी। वहीं यह टीम प्रोफेसर्स के साथ भी बातचीत करेगी तथा विश्वविद्यालय में हो रहे शोध और प्रयोगशालाओं को देखेगी और उनके बारे में जानकारी लेगी।
आईसीएआर की टीम 3 अक्तूबर को हिसार पहुंच जाएगी। इसके बाद 4 और 5 अक्टूबर को विश्वविद्यालय का निरीक्षण करेगी। हमने पूरी तैयारियां की हुई है। हमें पूरी उम्मीद है कि हमें आईसीएआर से एक्रीडेशन मिल जाएगी।
- डॉ. प्रदीप बामल, रजिस्ट्रार, लुवास विश्वविद्यालय, हिसार