एचएयू, साई और लुवास के खेल अधिकारियों की बैठक
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चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने विश्वविद्यालय में उपलब्ध खेल सुविधाओं का सुधारीकरण करके उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने तथा इन सुविधाओं का उचित रखरखाव किए जाने पर बल दिया है।
भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के हिसार सेंटर तथा हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय व लुवास के छात्र कल्याण निदेशालयों के खेल अधिकारियों के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के गिरि सेंटर में उपलब्ध खेल सुविधाओं का तीनों संस्थानों द्वारा उपयोग किया जा रहा है, इसलिए इन सुविधाओं के रखरखाव तथा इसके स्तर में सुधार करना इनकी संयुक्त जिम्मेवारी है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2001 में एक समझौते के तहत हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने खेल सेंटर का कुछ क्षेत्र एवं अन्य सुविधाएं साई को सौंप दिए थे। प्रो. केपी सिंह ने इस विश्वविद्यालय के कुलपति का पदभार संभालने के पश्चात खेल सेंटर के निरीक्षण के दौरान खेल संबंधी ढांचागत सुविधाओं के रखरखाव में काफी कमियां पाई थीं जिसके मद्देनजर आज उपरोक्त अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, साई तथा लुवास के अधिकारी मिलकर खेल केन्द्र को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए तय समय के अंतर्गत एक प्रस्ताव तैयार करेंगे। इसके अलावा कुलपति ने अधिकारियों को सभी ढांचागत एवं अन्य सुविधाओं में सुधार पर होने वाले व्यय का भी अनुमान प्रस्तुत करने को कहा। उन्होंने कहा कि साई के साथ वर्ष 2001 में हुए समझौते के उपरांत पिछले कुछ वर्षों में आई समस्याओं एवं उनके निवारण हेतु समझौते के पुन: नवीनीकरण की आवश्यकता है।
साक्षी मलिक के नाम पर गिरि सेंटर में कुश्ती का सेंटर ऑफ एक्सेलेंस का प्रस्ताव
प्रो. सिंह ने साई के अधिकारियों से ओलंपिक खेलों में कुश्ती स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली हरियाणा की बेटी साक्षी मलिक के नाम पर गिरि सेंटर में कुश्ती का सेंटर ऑफ एक्सेलेंस बनाने का एक प्रस्ताव केन्द्र एवं राज्य सरकारों को भेजने को कहा। बैठक में खेल सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए पब्लिक-प्राइवट पार्टनरशिप की संभावनाएं तलाशने के लिए विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण निदेशक डॉ. डी.पी. नांदल की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया। कुलपति ने खेल सुविधाओं के रखरखाव में खिलाड़ियों के योगदान को जरूरी बताते हुए उन्हें साथ लेकर चलने की बात भी कही।