मौजूदा वित्त वर्ष की प्रथम तिमाही में जिले मेें जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के रूप में 105.33 करोड़ का राजस्व एकत्रित हुआ है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत कम रहा है। पिछले वित्त वर्ष में इसी तिमाही में जीएसटी के 149.40 करोड़ रुपये एकत्रित हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक लॉकडाउन के कारण काफी समय उद्योग-धंधे बंद रहे और अभी भी स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हुई है। इसका असर जीएसटी पर भी पड़ा है।
बता दें कि करों से सरकार को होने वाली आय में जीएसटी का अहम योगदान है। अगर जिले की बात करें तो जिले में जीएसटी के रूप में करीब 600 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्रित होता है।
अप्रैल में 85 प्रतिशत कम आया जीएसटी
अगर मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल की बात करे तो अप्रैल में सिर्फ 6.31 करोड़ रुपये कर के रूप में आया, जो पिछले वर्ष के इस माह की अपेक्षा 85 प्रतिशत कम रहा। मई में स्थिति में सुधार हुआ और 0.72 प्रतिशत ज्यादा कर एकत्रित हुआ। हालांकि जून में फिर से इसमें गिरावट आई और इस माह पिछले साल की तुलना में 12.68 प्रतिशत कम कर आया।
पहली तिमाही में जीएसटी की स्थिति (करोड़ रुपये)
महीना- 2019-20 - 2020-21
अप्रैल- 43.54 - 6.31
मई- 45.81 - 46.14
जून- 60.06 - 52.88
कुल- 149.40 - 105.33
कम जीएसटी एकत्रित होने के कारण
अधिकारियों के अनुुुसार लॉकडाउन के कारण सभी उद्योग-धंधे काफी दिनों तक बंद रहे, जिसका सीधा असर जीएसटी पर पड़ा। अभी काफी फैक्ट्रियां पूरा उत्पादन नहीं कर रही हैं। इसके अलावा होटल व बार अभी भी बंद पड़े हैं, जिनके काफी टैक्स आता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में सेल काफी गिर गई है, जिसका असर भी टैक्स पर पड़ा है।
विभाग ने अधिकारियों से मांगे सुझाव
विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक कर अधिकारियों से सुझाव मांगे कि किस तरह से ज्यादा से ज्यादा व्यापारी टैक्स जमा करवाए। इस पर अधिकारियों ने कहा कि वह ज्यादा से ज्यादा व्यापारियों को जीएसटी रिटर्न फाइल करने को जागरूक करेंगे। इसके लिए व्यापारियों से संपर्क भी किया जाएगा।
लॉकडाउन के कारण सब कुुछ बंद रहा, जिसके चलते जीएसटी इस बार पहली तिमाही में पिछली के मुकाबले कम आया। हालांकि विभाग की तरफ से टैक्स कलेक्शन बढ़ाने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं।
एनआर फुले, डीईटीसी (सेल्स टैक्स)