लुवास में हाईकोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखते हुए मौजूदा सीटों को लेकर भले ही एबसीसी आवेदन फॉर्म नहीं भर सकते हैं, लेकिन हाईकोर्ट के आदेशों पर मुहर लगाते हुए लुवास विश्वविद्यालय ने क्लर्कों की सीटों में एसबीसी की सीटें रिजर्व रखी हैं, जिन्हें जाट आरक्षण के संबंध में कोई फैसला आने के बाद ही भरा जाएगा।
हाईकोर्ट ने दिए थे दस प्रतिशत सीटें खाली रखने के आदेश
हाईकोर्ट ने एडमिशन प्रक्रिया से लेकर भर्ती प्रक्रिया तक सभी में एसबीसी केटेगरी की सभी दस प्रतिशत सीटें खाली रखने के आदेश दिए थे।
इसी को ध्यान में रखते हुए लुवास ने क्लर्कों के पदों को रिक्त रखा है, जबकि शिक्षकों के पदों को रिक्त रखा नहीं गया है। पूर्व से चली आ रही एडमिशन पॉलिसी को ध्यान में रखते हुए एसबीसी कोटे के लिए सीटों को खाली रखा गया है। लुवास ने क्लर्कों के 39 पदों में 4 पदों को एसबीसी कोटे के तहत रिक्त रखा है।
इन पदों के लिए आवेदन
डायरेक्टर एक्सटेंशन एजूकेशन, डायरेक्टर स्टूडेंट वेलफेयर कम इस्टेट ऑफिसर, डायरेक्टर ह्यूमेन रिसोर्स मैनेजमेंट, डायरेक्टर इंस्टीट्यूट ऑफ पेरा वेटरनरी साइंस, साइंटिस्ट एन चार्ज इंवेस्टिगेशन ऑफिसर, असिस्टेंट साइंटिस्ट, असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों के लिए आवेदन निकाले गए हैं। वहीं गैर शिक्षक कर्मचारियों (क्लर्क) के 39 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए पदों में एसबीसी कोटे को रिक्त रखा गया है। क्लर्कों के पदों में चार पद रिक्त रखे गए हैं। हाईकोर्ट के आगामी आदेशों के बाद ही एसबीसी कोर्ट को लेकर कोई निर्णय किया जाएगा। -डॉ. प्रदीप बामल, रजिस्ट्रार, लुवास