हिसार।मामूली विवाद को लेकर कस्सी, कसोले से हमला कर बड़े भाई की हत्या कर शव को जलाने के करीब चार साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मित्तल की अदालत ने चुली बागडिय़ान गांव निवासी करतार को आजीवन कारावास व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा ना करने की स्थिति में सजा की अवधि छह माह अतिरिक्त बढ़ा दी जााएगी। इस घटना में करतार के बड़े भाई सुभाष की मौत हुई थी।
इस बारे में आदमपुर थाना पुलिस ने गत 21 जून, 2019 को मृतक व्यक्ति के पुत्र सुधीर की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 व 201 के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने करतार को गिरफ्तार किया तो उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि घटना के करीब करीब छह-सात दिन पहले उसका अपने बड़े भाई सुभाष के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था जिसको लेकर वह उससे रंजिश रखने लगा।
इसके बाद 21 जून को सुबह 11 बजे वह खेत में बने कमरे में गया तो वहां पर सुभाष चारपाई पर सोया हुआ था। उसने वहां पड़ी कस्सी से सुभाष पर कई वार किए और फिर वहां पड़े कसोले व तसले से भी उस पर कई वार किए और उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को खुर्दबुर्द करने के लिए उसको आग लगा दी। इसी दौरान सुभाष के पुत्र सुधीर व अश्वनी वहां आ गए तो वह कस्सी लेकर फरार हो गया और कसोला व तसली वहीं छोड़ गया। बाद में घर जाकर खून से सने कपड़े छिपाए।
अदालत ने इसी मामले में करतार को हत्या में दोषी करार दिया जबकि शव को खुर्द बुर्द करने के आरोप से बरी कर दिया है।