हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक सिंगल की अदालत ने हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में नाबालिग समेत पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी सोनू, रवि और नरेश पर 40-40 हजार, मंदीप पर 45 हजार और एक नाबालिग दोषी पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सभी दोषी चमारखेड़ा गांव के रहने वाले हैं। अदालत ने सोमवार को आरोपियों को दोषी करार दिया था। इस संबंध में उकलाना मंडी पुलिस ने 1 नवंबर 2018 को हत्या, हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था।
पुलिस के अनुसार चमारखेड़ा निवासी बलबीर ने बयान में बताया था कि वह खेतीबाड़ी करता है। रात करीब 8 बजे भाई हरपाल के घर के बाहर गली में खड़ा था। भाई का 16 साल का बेटा सुनील और गांव का ही कुलदीप गली में एक बेंच पर बैठे थे। इसी दौरान मंदिर वाली गली से सोनू, मंदीप समेत पांच अन्य आए और सुनील व कुलदीप से झगड़ा शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने चाकू से वार कर दिए। शोर सुनकर भाई हरपाल और पड़ोसी घर से बाहर आए। इसके बाद घायलों को उपचार के लिए बरवाला के सरकारी अस्पताल लेकर आए, जहां पर चिकित्सकों ने सुनील को मृत घोषित कर दिया था। अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।