हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में जगद्गुरु शंकराचार्य पर विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया। जगद्गुरु शंकराचार्य व्याख्यानमाला के अंतर्गत प्रायोजित एक दिवसीय व्याख्यान का विषय रहा ''''जगतगुरु शंकराचार्य आध्यात्मिक एवं भाषाई एकता के वाहक''''। कार्यक्रम में विवि के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कुलपति प्रो. बिश्नोई ने विद्यार्थियों को कहा कि यह व्याख्यान काफी अर्थपूर्ण है, क्योंकि ऐसे व्याख्यान विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति एवं भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने में सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यक्रम में प्रो. संपदानंद मिश्र, संस्कृत विद्वान, डायरेक्टर, सेंटर फॉर ह्यूमन साइंस, ऋषिहुड यूनिवर्सिटी, सोनीपत हरियाणा बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित हुए। कार्यक्रम में अधिष्ठाता, मानविकी एवं समाज विज्ञान प्रो. मनोज दयाल विशिष्ट अतिथि रहे।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रो. संपदानंद मिश्र ने आदि शंकराचार्य के भाष्य प्रवाह को व्यक्त करते हुए बताया कि शंकराचार्य भारतीय संस्कृति के कालजयी और यशस्वी उन्नायक हैं। प्रो. मनोज दयाल ने भारतीय भाषा समिति की सराहना करते हुए बताया कि भारतीय भाषा समिति देशभर के उच्च शैक्षिक संस्थानों में जगतगुरु शंकराचार्य व्याख्यान में सहयोग कर रही है। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन विभाग की प्रभारी डॉ. गीतू धवन की देखरेख में किया गया। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को भारतीय भाषा समिति की ओर से प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अन्य विभागों से डॉ. नरेंद्र चौहान, डॉ. सुनैना, डॉ. सुनीता, ममता गोयल, शोधार्थी, स्नातकोत्तर एवं स्नातक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने भाग लिया।