हिसार। पूर्व मंत्री और इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने बुधवार को शाहपुर, न्योली कलां और किरतान गांवों में जाकर बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का जायजा लिया। किसानों से मिलकर उन्होंने नुकसान की जानकारी ली। प्रो. संपत सिंह ने बताया कि गेहूं, सरसों और चने की फसलों को जबरदस्त नुकसान हुआ है। सरकार तुरंत गिरदावरी कर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे ताकि आर्थिक बोझ कम हो।
इस दौरान किसानों ने उनके सामने अपनी व्यथा बयां करते हुए कहा कि फसल खराब होने से उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। खरीफ फसल के समय इसी क्षेत्र में ड्रेन, नहर और माइनरों के टूटने से हजारों एकड़ फसल प्रभावित हुई थी और कई जगह रबी की बिजाई भी नहीं हो पाई थी। गेहूं, सरसों और चने की फसल ओलों और बारिश के बाद तेज हवा से बर्बाद हो गई।
ये नेता भी बने किसानों की आवाज
बेमौसमी बरसात और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। बालसमंद, बांडाहेड़ी, बुड़ाक, खारिया, डोभी, सुंडावास, तेलनवाली, कुतियांवाली, चौधरीवाली, घुड़साल, मोडाखेड़ा, काबरेल, बगला, सीसवाल और ढाणी सीसवाल गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। किसानों की पीड़ा और नुकसान की जानकारी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तक पहुंचाई जाएगी। किसानों को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। पोर्टल पर किसान नुकसान अवश्य दर्ज कराएं।
-कुलदीप बिश्नोई, पूर्व सांसद, हिसार
इस बार किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ी है। पहले बाढ़ से फसलें प्रभावित हुईं और अब बरसात और ओलावृष्टि से पकी फसलें नष्ट हो गई हैं। सरकार की ओर प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत गिरदावरी कराई जाए। किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाना चाहिए।
-सुमन श्योराण, महिला जिला अध्यक्ष, जननायक जनता पार्टी
जिले के कई गांवों में ओलावृष्टि और तेज बारिश से गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। किसानों की मेहनत पर प्राकृतिक आपदा ने पानी फेर दिया है। तुरंत गिरदावरी करवाकर वास्तविक नुकसान का आंकलन किया जाए। प्रभावित किसानों को बिना देरी उचित मुआवजा जारी किया जाना चाहिए।
- बृजलाल बहबलपुरिया, जिला अध्यक्ष ग्रामीण कांग्रेस