बीएसएफ के हेड कांस्टेबल शहीद सतीश कुमार के शव का अंतिम संस्कार बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव जामनीखेड़ा में किया गया। बीएसएफ के जवानों ने बंदूकों से सलामी दी। पति के शव को देखते ही शहीद की पत्नी सुनीता बेसुध हो गईं। बुजुर्ग मां, बेटी व बेटे का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। ग्रामीण उनको शांत करवाते रहे। शव के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों से भी सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे।
बीएसएफ 101 बटालियन के सब इंस्पेक्टर करण सिंह ने बताया कि हेड कांस्टेबल 47 वर्षीय सतीश कुमार 18 मार्च 1993 को बीएसएफ में भर्ती हुए थे। फिलहाल वे श्रीनगर की 101 बटालियन में तैनात थे, जो कि 31 जनवरी को एलओसी पर पेट्रोलिंग पर थे। ज्यादा बर्फबारी होने के कारण काफी जवान वहां पर फंस गए। अत्यधिक बर्फबारी के कारण सतीश कुमार व कई अन्य जवानों की तबीयत बिगड़ गई और जवानों को हेलीकॉप्टर से बेस हॉस्पिटल श्रीनगर लाया गया था, जहां पर डॉक्टरों ने सतीश कुमार को मृत घोषित कर दिया। मंगलवार को उसके शव को हेलीकॉप्टर के जरिये श्रीनगर से दिल्ली लाया गया। खांडाखेड़ी से बुधवार सुबह डीजे पर देशभक्ति गानों की धुनों व बाइक रैली से सम्मान के साथ जवान के शव को गांव जामनीखेड़ा में लाया गया और सैन्य सम्मान के अंत्येष्टि की गई। शहीद सतीश के परिवार में उनकी बुजुर्ग माता माधो देवी, वीरांगना सुनीता, दो बच्चे बेटी रीतू व बेटा रितिक हैं।
दोनों बच्चे बोले - पापा की तरह करेंगे देशसेवा
बेटी रीतू व बेटे रितिक ने कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है। उन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। उन्होंने अपने पापा की तरह आर्मी या बीएसएफ में देशसेवा करने की इच्छा जताई।
शहीद का दर्जा देने की मांग
जवान की अंत्येष्टि में आए प्रशासनिक अधिकारियों से ग्रामीणों ने जवान को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की। लोगों ने अधिकारियों से कहा कि जवान का देशसेवा करते हुए ड्यूटी पर निधन हुआ है, उसे शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। साथ ही जवान के बच्चों को सरकारी नौकरी व अन्य सुविधाएं दिए जाने की भी मांग की। इसके अलावा गांव में शहीद सतीश कुमार के नाम से एक पार्क का निर्माण करने की मांग भी रखी।
पुष्प चढ़ाकर दी श्रद्धांजलि
बीएसएफ जवान की अंत्येष्टि में बास के डीएसपी भगत राम, बास के नायब तहसीलदार अमित माथुर, बास थाना प्रभारी सुरेंद्र पाल, पूर्व जिला पार्षद जस्सी पेटवाड़, सतरोल खाप के प्रधान रामनिवास लोहान, फूलकुमार पेटवाड़, दलजीत सिहाग, सरपंच प्रतिनिधि उदयभान, पूर्व सरपंच राजेश कुमार, मनजीत सिंधु, उमेद सिंह, जयपाल, धर्मबीर ने पुष्प चक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
Last farewell to BSF jawan with military honors- फोटो : Hisar
24 - नारनौंद: शव को देखकर विलाप करती बेटी रीतू। ...संवाद- फोटो : Hisar