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ललिता और पूजा ने जीता कांस्य

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पूजा ढांडा के बाद जिले की दो और कुश्ती खिलाड़ियों ने मंगोलिया में चल रही एशियन जूनियर महिला कुश्ती चैंपियनशिप में पदक हासिल किए हैं। ललिता सहरावत ने 55 और पूजा ने 72 किलो भार वर्ग में कांस्य पदक प्राप्त किया है। ललिता जवाहर नगर और पूजा सिसाय की रहने वाली है।
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सिसाय की पूजा ने 2013 में कैडेट एशियन और वर्ल्ड में कांस्य पदक, पायका नेशनल में पदक, स्कूल नेशनल खेलों में तीन बार गोल्ड मेडल और कैडेट नेशनल में गोल्ड मेडल प्राप्त कर चुकी है। पूजा के पिता सुभाष किसान और मां गृहिणी है। उधर, ललिता सहरावत सब जूनियर एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक, वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य और ऑल इंडिया चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी है।

ललिता के पिता जोगेंद्र सहरावत खेती करते हैं और मां ऊषा रानी गृहिणी है। ये दोनों खिलाड़ी कोच ऊषा शर्मा व संजय सिहाग की देखरेख में प्रशिक्षण ले रही हैं। उल्लेखनीय है कि एशियन जूनियर महिला कुश्ती चैंपियनशिप में जिले की चार खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जिसमें से तीन खिलाड़ियों कांस्य पदक प्राप्त किए हैं।
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इससे पहले शुक्रवार को पूजा ढांडा ने 59 किलो में कांस्य पदक प्राप्त किया था। मगर दूसरी खिलाड़ी रेणु कांस्य पदक के हुए मुकाबले में कजाकिस्तान की खिलाड़ी से हार गई थी और उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था।

चैंपियनशिप में देश की आठ सदस्यीय टीम में से सिर्फ एक ही खिलाड़ी गोल्ड मेडल हासिल कर सकी। उधर, जिले की चार खिलाड़ियों में से भी तीन अपने कांस्य को गोल्ड में तब्दील नहीं कर सकी। ललिता, रेणु व पूजा के कोच संजय सिहाग के मुताबिक खिलाड़ियों को चयन के बाद सीधे ही चैंपियनशिप में भेज दियाग गया। उनके लिए ट्रेनिंग कैंप का आयोजन भी नहीं किया गया।

नेशनल कंपीटीशन पहले आयोजित किया जाना था, जिससे नेशनल ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने का समय मिल सके। संजय का कहना है कि हमारी खिलाड़ी फिजिकल फिटनेस के मामले भी चीन, जापान जैसे देशों के काफी पीछे हैं। इसकी एक वजह ये है कि वहां खिलाड़ियों के लिए विशेष फिजिकल ट्रेनर, डायटीशियन आदि होते हैं। मगर हमारे देश ये काम कोच ही करते हैं।
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