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Hisar News: मजदूर के बच्चे की मैनहोल में गिरकर हुई थी मौत, कोर्ट ने माता-पिता को दिया 15 लाख का मुआवजा

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हिसार। 2018 में रेलवे के खुले सीवरेज के मैनहोल में गिरकर मजदूर टोनी के 13 माह के बच्चे की मौत हो गई थी। इस मामले में जागो मानव बनो इंसान संस्था के अध्यक्ष राजेश हिंदुस्तानी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। अब उच्च न्यायालय ने पीड़ित पक्ष के हक में फैसला देते हुए नगर निगम को बच्चे के माता-पिता को 15 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा दिए जाने के आदेश दिए हैं। हालांकि, बच्चे के माता-पिता के ठिकाने के बारे में अभी कोई पता नहीं चल पा रहा है। उन्हें ढूंढ़ने के लिए राजेश हिंदुस्तानी प्रयास कर रहे हैं।
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राजेश हिंदुस्तानी ने बताया कि वर्ष 2018 में एक मजदूर टोनी का 13 माह का बच्चे की रेलवे के सीवरेज मैनहोल में गिरकर मौत हो गई थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन, जिला उपायुक्त व अन्य अधिकारियों को पत्र लिखकर न्याय दिलाने की मांग की। जज दया चौधरी ने सभी तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को मामला सौंपा। उन्होंने इसे जनहित याचिका मानते हुए हरियाणा सरकार व निगम के सभी जिलों के अधिकारियों को नाेटिस जारी कर खुले मैनहोल से होने वाले हादसों संबंधी जवाब मांगा था। वहीं मैनहोल को ढकने के आदेश भी पारित किए थे। राजेश हिंदुस्तानी मजदूर टोनी को लेकर हाईकोर्ट में पेश हुए और बाद में वरिष्ठ अधिवक्ता वकील मुकेश राव ने इस मामले की पैरवी की। अब इसी मामले में माननीय उच्च न्यायालय ने नगर निगम को मजदूर दंपति को 15 लाख रुपये का अंतरित मुआवजा दिए जाने के आदेश दिए हैं और साथ ही खुले सीवरेज मैनहोल को लेकर नीति बनाने बारे भी जवाब मांगा है। हिंदुस्तानी ने बताया कि मजदूर दंपति जो पहले कृष्णा नगर में रहते थे, उनका अभी कोई अता-पता नहीं है। हालांकि, वो पैसे उनके खाते में फिक्स डिपॉजिट में जमा होंगे। बच्चे के पिता को 7.5 लाख व माता को भी 7.5 लाख रुपये मुआवजा दिया जाना है।
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