हिसार। लोकसभा 2024 के चुनाव से पहले पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई ने बिश्नोई समाज के लिए आरक्षण का कार्ड चल दिया है। कुलदीप बिश्नोई ने बिश्नोई समाज को केंद्र में आरक्षण मिलने के संभावना के बारे में ट्वीट किया है। इस ट्वीट को इसी साल के अंत तक राजस्थान में होने वाले चुनाव के संदर्भ में अहम माना जा सकता है। राजस्थान में बिश्नोई समाज को भाजपा के पक्ष में करने के लिए आरक्षण का मुद्दा उछाला है। राजस्थान के विधानसभा, लोकसभा तथा हरियाणा के विधानसभा चुनाव में इसका असर हो सकता है।
राजस्थान में इसी साल में विधानसभा के चुनाव होने तय हैं। राजस्थान विधानसभा की 200 सीट में 30 सीट पर बिश्नोई समाज के लोगों का प्रभाव है। इस चुनाव में बिश्नोई समाज के लोगों को भाजपा के समर्थन में लाने के लिए पूर्व सीएम स्वर्गीय चौधरी भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई ने चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। कुलदीप बिश्नोई अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक के पद पर हैं। इस महासभा का राजस्थान में सबसे अधिक असर है। पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई राजस्थान में पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल की प्रतिमा स्थापित करने से लेकर धार्मिक आयोजन तक कई कार्यक्रमों के जरिये अपना शक्ति प्रदर्शन कर चुके हैं। राजस्थान चुनाव से कुछ माह पहले कुलदीप बिश्नोई ने एक ट्वीट कर बिश्नोई समाज के आरक्षण का मुद्दा उछाल दिया है।
कुलदीप बिश्नोई ने ट्वीट में लिखा कि आरक्षण को लेकर जब भी केंद्र सरकार की अंतिम सूची आएगी उसमें बिश्नोई समाज को शामिल किया जाएगा। हमारी केंद्र सरकार से इस बारे में लगातार बातचीत चल रही है। मोदी सरकार बिश्नोई जाति को आरक्षण देने के लिए सकारात्मक है। आरक्षण को लेकर कोई भी सूची केंद्र सरकार की ओर से नहीं बनी है।
बता दें कि राजस्थान में बिश्नोई जाति पिछड़ा वर्ग में शामिल है। केंद्र सरकार की ओबीसी की सूची में बिश्नोई जाति शामिल नहीं है। करीब सवा दो साल पहले 26 मार्च 2021 को राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने बिश्नोई जाति को केंद्र की ओबीसी केटेगरी में शामिल करने के बारे में केंद्र सरकार को पत्र भेजा था। जिस पर अब तक कुछ फैसला नहीं लिया गया है। करीब तीन महीने पहले कुलदीप बिश्नोई अपने बेटे भव्य बिश्नोई के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिले थे, उस समय भी बिश्नोई समाज को केंद्र की ओबीसी लिस्ट में शामिल करने की मांग रखी थी।
हरियाणा में भी होगा असर
अगर कुलदीप बिश्नोई अपनी जाति को आरक्षण दिलाने में सफल रहे तो इसका असर राजस्थान के अलावा हरियाणा में भी होगा। हरियाणा में भी हिसार, सिरसा लोकसभा क्षेत्र में बिश्नोई समाज का प्रभाव है। कुलदीप बिश्नोई अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत करने में कामयाब होंगे। बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से लिस्ट में शामिल किए जाने के बाद बिश्नोई जाति को भरोसा जगेगा कि भविष्य में हरियाणा में भी आरक्षण मिल सकता है।