अस्पताल में उपचाराधीन गांव चौधरीवाली निवासी 13 वर्षीय बादल।
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गांव चौधरीवाली में दो हमलावर घर के अंदर घुसकर आंगन में सो रहे 13 वर्षीय सातवीं कक्षा के छात्र बादल पर चाकू व तेजधार हथियार से हमला कर दिया। कुछ बड़ी अनहोनी होने से पहले ही शोरशराबे की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंच गए। परिजनों को आता देख हमलावर दीवार फांदकर मौके से फरार हो गए। बाद में मामले की सूचना आदमपुर थाना पुलिस को दी गई। घायल को परिजनों ने नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया। यहां से चिकित्सकों ने बादल की गंभीर हालत को देखते हुए हिसार रेफर कर दिया। बाद में परिजनों ने बादल को निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। हमले के कारणों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।
रात करीब साढ़े 12 बजे हुआ हमला
घायल बादल के पिता सतपाल बिश्नोई ने बताया कि शनिवार रात को वह और उसकी पत्नी संतोष, उसकी दो बेटी व एक बेटा घर के आंगन में सोए हुए थे। रात करीब साढ़े 12 बजे उन्हें अपने बेटे के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। चिल्लाने की आवाज सुनकर उन्होंने उसके पास जाकर देखा तो एक युवक तो बादल की गर्दन पर तेजधार हथियार से वार कर रहा था और दूसरा युवक हाथ में पिस्तौल लिए घर के दरवाजे के सामने खड़ा था। सतपाल ने बताया कि उनकी आवाज सुनकर उसका बड़ा भाई भूपसिंह व कृष्ण भी वहां पहुंच गए। उन्हें आते देख आरोपी युवक घर की दीवार फांदकर भाग गया। जब उन्होंने उन दोनों युवकों का पीछा करने की कोशिश की तो वह उनकी पकड़ में नहीं आए। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी युवक पैदल ही आए थे और वह बादल को जान से मार देने के उद्देश्य से आए थे क्योंकि घटनास्थल से 315 बोर का एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है। हमले के दौरान बादल के सिर पर तीन जगह पर चाकू से वार किए व गर्दन पर एक बार, जबकि दूसरी बार वार करते समय बादल ने अपना हाथ अड़ा लिया, जिससे चाकू उसके दाहिने हाथ में लग गया। जिस कारण बादल गंभीर रूप से घायल हो गया।
दो बहनों का इकलौता भाई है बादल
पिता सतपाल ने बताया कि उसकी अंकुशा व वर्षा दो बेटियां हैं, जबकि एक बेटा बादल है। बादल गांव चौधरीवाली पास के ही स्थित गांव बांडाहेड़ी में सातवीं कक्षा में पढ़ता है। सतपाल ने बताया कि उन्हें नहीं पता है कि उनके बेटे पर किस वजह से हमला किया गया है।
डॉक्टरों द्वारा घायल बादल को अनफिट बताने के कारण उसके बयान नहीं हो सके। इसलिए हमले की वजह भी पता नहीं चली है। बादल के बयान लेने के बाद ही आरोपियों का कुछ पता चल सकता है, उसके बाद ही केस दर्ज किया जाएगा।
- एएसआई जगदीश कुमार, आदमपुर थाना