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एनओसी के बिना नहीं खुदेंगी शहर की सड़कें

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जन स्वास्थ्य विभाग अब नगर निगम की बिना परमिशन के सड़कों को खोदकर पानी और सीवर की पाइप लाइन नहीं डाल  पाएगा। अब सड़क खोदने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को नगर निगम से एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेना होगा, तभी विभाग पाइप डालने के लिए सड़क खोद पाएगा।
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यह प्रस्ताव बुधवार को निगम में हुई वाटर सप्लाई और सीवर डिस्पोजल सब कमेटी की बैठक में कमेटी के चेयरमैन नरेंद्र शर्मा ने रखा। इस पर सभी पार्षदों ने अपनी-अपनी सहमति जताई। सभी पार्षदों ने एक  स्वर से कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग अपना काम खत्म होने के बाद सड़कों पर खुदे गड्ढों में मिट्टी डालने के अलावा कुछ भी नहीं करता है। इसके कारण जनता को परेशानी होती है।

सब कमेटी की बैठक में चेयरमैन नरेंद्र शर्मा, जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन डीपी मित्तल, हुडा के एक्सईएन, निगम के सचिव राजेश मेहता, गिरधर गोपाल, एमई और जेई सहित पार्षद महेंद्र जुनेजा, राजपाल मांडू, उदयवीर सिंह मिंटू, मास्टर प्रह्लाद और कर्मवीर ढिल्लो सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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शहरवासियों के कामों के लिए बनी नगर निगम और जनस्वास्थ्य विभाग की तालमेल कमेटी में कोई तालमेल नहीं है। यह बात बुधवार को निगम में हुई वाटर सप्लाई और सीवर डिस्पोजल सब कमेटी की बैठक में सामने आई। सब कमेटी के चेयरमैन पार्षद नरेंद्र शर्मा ने  लोगों को काम कराने के लिए निगम और जनस्वास्थ्य विभाग की तालमेल कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखा।

नरेंद्र शर्मा को यह पता ही नहीं था कि निगम की और जनस्वास्थ्य विभाग की तालमेल कमेटी तो काफी समय से बनी हुई है। कमेटी सिर्फ नाम की है। दोनों विभागों के बीच में कोई तालमेल नहीं है। इसी का खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। कि जनता सिर्फ नगर निगम और जनस्वास्थ्य विभागों के दफ्तरों में चक्कर काटती रहती है।

बैठक के दौरान पार्षदों ने मांग की कि वार्डों और शहर की मुख्य सड़कों पर काफी सीवरों को ढक्कन टूटे पड़े हैं। ऐसे में हादसे होने की संभावना बनी रहती है। पार्षदों ने जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन डीपी मित्तल से टूटे सीवर के ढक्कनों को तुरंत प्रभाव से बदलने के लिए कहा है। इस पर एक्सईएन मित्तल ने ढक्कनों को बदलने के लिए कहा है।

पार्षदों ने कई क्षेत्रों में गंदे पानी की सप्लाई होने की भी बात कही। इस पर डीपी मित्तल ने कहा कि जिस वार्ड या क्षेत्र में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है, उसकी हमें शिकायत करें। शिकायत करने के 24 घंटे के अंदर गंदे पानी की समस्या को दूर किया जाएगा। पार्षद समय रहते अपने क्षेत्र की समस्याओं को विभाग में बता दें तो समय रहते इन समस्याओं को दूर कराने की कोशिश की जाएगी।

खुले सीवर के ढक्कन के चलते करीब चार माह पहले मिलगेट एरिया में पांच साल की मासूम बच्ची की जान जा चुकी है, जिसके बाद निगम की ओर से एक अभियान भी शुरू किया गया था। ऐसे सीवर की पहचान कर जनस्वास्थ्य विभाग को लिस्ट सौंपी गई थी।
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