सीआईए टू ने खरक पूनिया के अमरजीत उर्फ लाडू की हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने खरक पूनिया के अनिल उर्फ काली और ज्ञानपुरा के अनिल को गिरफ्तार किया है। मृतक और हत्यारोपी पहले दोस्त थे।
सीआईए टू इंचार्ज इंस्पेक्टर कप्तान सिंह की टीम ने बरवाला बस अड्डे पर छापा मारकर भागने का प्रयास कर रहे गांव ज्ञानपुरा के अनिल और खरक पूनिया के अनिल उर्फ काली को धर दबोचा। पूछताछ में ज्ञानपुरा के अनिल ने बताया कि उसकी गांव के अमन के साथ 20 दिन पहले कहासुनी हो गई थी। अमन और अमरजीत में दोस्ती थी। इसी को लेकर 27 मई को अमरजीत ने ज्ञानपुरा में उसको थप्पड़ जड़ दिया। इस पर उसने बेइज्जती महसूस की थी। इसके बाद उसने खरक के अनिल को साथ मिलाकर अमरजीत की हत्या करने की साजिश रची।
बच न जाए, सिर में मार गोली
ज्ञानपुरा के अनिल और खरक के अनिल ने 28 मई की रात अमरजीत को फोन पर समझौता करने की बात कहकर पेट्रोल पंप के पास टिब्बे पर बुला लिया था। वहां ज्ञानपुुरा के अनिल ने अमरजीत उर्फ लाडू को सीने और पेट में गोली मार दी। लाडू गिर पड़ा था। फिर खरक पूनिया के अनिल ने कहा था कि बच न जाए, सिर में ठोक दे गोली। इसके बाद ज्ञानपुरा के अनिल ने तीसरी गोली माथे पर दागी थी।
पुराने दुश्मन पर भी शक की सुई
पुलिस पूछताछ में अभी दोनों आरोपियों ने तीसरे आदमी की संलिप्तता होने से इनकार किया है, लेकिन पुलिस को इस पर विश्वास नहीं है। पुलिस का कहना है कि हत्या में प्रयुक्त अवैध पिस्तौल और बाइक बरामद करने के लिए दोनों को रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस का अंदाजा है कि इस हत्या में लाडू का कोई पुराना दुश्मन भी शामिल हो सकता है।
यह है मामला
खरक पूनिया से एक युगल गायब होने के मामले में गांव में रविवार को एक पंचायत होनी थी। पुलिस ने सख्ती कर रविवार को पंचायत नहीं होने दी थी और 16 लोगों को बरवाला थाना में तलब किया था। वहां अमरजीत व कृष्ण को झगड़े की आशंका के चलते पाबंद किया गया था। वे देर शाम जमानत होने पर घर पहुंचे थे। फोन आने पर अमरजीत रात 10 बजे बाइक पर बाहर चला गया था और सोमवार सुबह उसका शव गांव के बाहर टिब्बों पर पड़ा मिला था। बरवाला थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। मर्डर मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी ने इस मामले की जांच का जिम्मा सीआईए 2 को सौंपा था। ब्लाइंड मर्डर की जांच सीआईए 2 के निरीक्षक कप्तान सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने की।