हिसार। कुंभाखेड़ा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय व हॉस्टल बनकर तैयार है, लेकिन सामग्री के अभाव में नए शैक्षणिक सत्र में स्कूल में बेटियों को दाखिला देने पर संशय बरकरार है। कारण यह है स्कूल व हॉस्टल में सामान उपलब्ध करवाने के लिए तीन बार बिड लगाई जा चुकी है, लेकिन एक भी कंपनी ने आवेदन नहीं किया। इस पर शिक्षा विभाग को ई-हरियाणा टेंडर पर आवेदन करना पड़ा। अब कुछ कंपनियां आवेदन कर रही है। हालांकि करीब 4 साल पहले तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने उपरोक्त स्कूल व हॉस्टल की सुविधा शुरू करने की घोषणा की थी। दूसरी तरफ अधिकारियों का कहना है कि मई 2025 तक इस स्कूल में दाखिला लिया जा सकता है, इसको लेकर मुख्यालय से बातचीत की जाएगी।
3.55 लाख रुपये का बजट जारी
शिक्षा निदेशालय की ओर से कुंभाखेडा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में बिजली-पानी व अन्य प्रबंधन के लिए 3.55 लाख रुपये मंजूर किए है। ताकि कार्य को रफ्तार दी जा सकें। इससे पहले बीते नवंबर माह में 100 बिस्तर व पलंग सहित अन्य सामग्री भी उपरोक्त स्कूल के हॉस्टल में पहुंची थी।
100 बेटियों को मिलेगा फायदा
नए शैक्षणिक सत्र से कुंभाखेड़ा का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शुरू होता है तो 100 बेटियों को फायदा मिलेगा। क्योंकि संबंधित स्कूल में 100 बेटियां दाखिला ले सकती हैं। उनके रहने के लिए हॉस्टल की सुविधा भी मिलेगी। तमाम सुविधाएं बेटियों के लिए निशुल्क रहेंगी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों की लड़कियां दाखिला ले सकती हैं। अभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कक्षा छठी से 8वीं कक्षा में दाखिला लिया जा सकता है।
बरवाला स्थित कुंभाखेड़ा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय व हॉस्टल के लिए सामान तेजी से खरीदे जाएंगे। उम्मीद है कि मई तक स्कूल में बेटियां दाखिला ले पाएंगी। इसको लेकर मुख्यालय से लगातार बातचीत जारी है। - विजेंद्र सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, डीडीओ, बरवाला