आरटीआई के तहत सूचना उपलब्ध न कराने पर तहसीलदार हिसार और कानूनगो पर राज्य सूचना आयोग ने जुर्माना लगाया है। दोनों अधिकारियों पर 12500-12500 का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना राशि दोनों अधिकारियों की फरवरी माह के वेतन से काटी जाएगी। एसडीओ सिविल को इसकी अनुपालना रिपोर्ट 25 मार्च तक आयोग के समक्ष जमा करानी होगी।
मामले के अनुसार शिकारपुर निवासी रवि लांबा ने 10 दिसंबर 2019 को राज्य सूचना अधिकारी एवं तहसीलदार हिसार से आरटीआई के तहत ग्राम पंचायत शिकारपुर के संबंध में जानकारी मांगी थी। इसकी सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत सूचना आयुक्त के पास की। सूचना आयुक्त ने तत्कालीन तहसीलदार धर्मपाल और तत्कालीन कानूनगो रामेश्वर दास को नोटिस जारी किया। इस नोटिस का जवाब देने में भी देरी की गई। इसके बाद सूचना आयुक्त ने दोनों पर जुर्माना लगाया।
यह था मामला : शिकायतकर्ता रवि ने बताया कि शिकारपुर में मोगा नंबर 10500 की निशानदेही के लिए बीडीपीओ ने तहसीलदार को 16 जुलाई 2019 को लिखित में पत्र भेजा था। इस पर तहसीलदार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसकी एवज में उन्होंने 10 दिसंबर 2019 को आरटीआई से जानकारी मांगी थी। उन्होंने बताया कि तहसीलदार और कानूनगो द्वारा 17 जून 2020 को निशानदेही करवाई गई, जबकि तब तक सूचना आयुक्त के पास शिकायत की जा चुकी थी। उसके बाद भी दोनों अधिकारियों ने सूचना आयुक्त के समक्ष पेश होने या कोई जवाब देने में भी देरी की गई।