घिराय। नियाणा गांव निवासी 37 वर्षीय कैलाश को सट्टे का नंबर दिलाने का झांसा देकर बुलाया गया और शराब पिलाकर हांसी-बरवाला बाईपास के पास ले जाकर लोहे की रॉड (स्टेपनी के औजार) से उसकी हत्या कर दी गई।
मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी भूना निवासी दीपक के बाद उसकी प्रेमिका राधा को भी गिरफ्तार कर लिया है। तीसरा आरोपी करनाल के असंध क्षेत्र के गांव उपलाना निवासी दीपचंद फरार है। जांच अधिकारी एसआई कृष्ण कुमार ने बताया कि कैलाश के शव की शिनाख्त के बाद पुलिस ने दीपक को काबू किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर राधा को गिरफ्तार किया गया। दोनों से पूछताछ में हत्या की साजिश और वारदात से जुड़े तथ्य सामने आए।
करीब 10 साल पहले हुई थी कैलाश और राधा की शादी
कैलाश और राधा की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 में राधा और दीपक के बीच संपर्क हुआ। उस समय दीपक हिसार के पास पीरांवाली क्षेत्र के निजी स्कूल में बस चालक था और राधा बस हेल्पर थी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। बाद में दीपक ने स्कूल बस चलाना छोड़कर ट्रक चलाना शुरू कर दिया, लेकिन राधा से संपर्क बना रहा। कैलाश को दोनों के संबंधों की जानकारी होने पर उन्होंने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
अलग-अलग सिम लेकर करते थे बातचीत
पुलिस के मुताबिक, दीपक ने राधा को छोटा फोन दिलाया था। राधा ने कैलाश की आईडी पर सिम लिया, जबकि दीपक ने राधा की आईडी पर सिम लिया। दोनों इन्हीं नंबरों से बातचीत करते थे।
सट्टे के नंबर लगाने के बहाने बुलाया
पुलिस के अनुसार छह सितंबर को हत्या की योजना बनाई गई। कैलाश को सट्टे के नंबर लगाने का शौक था। राधा ने उसे बताया कि दीपक एक ऐसे व्यक्ति को जानता है, जो सट्टे का नंबर दे सकता है। सात सितंबर को कैलाश करीब 37 हजार रुपये लेकर कैथल की ओर निकला। तितरम मोड़ के पास उसकी मुलाकात दीपक और दीपचंद से हुई।
शराब पिलाकर बाईपास ले गए
तीनों ने करीब 700 रुपये की शराब खरीदी। दीपक और दीपचंद ने कम मात्रा में शराब पी, जबकि कैलाश को अधिक शराब पिलाई गई। इसके बाद तीनों ट्रक से आगे चले। रात करीब साढ़े दस बजे हांसी-बरवाला बाईपास के पास ट्रक रोककर कैलाश को नीचे उतारा गया। पुलिस के अनुसार, दीपचंद भी ट्रक से नीचे उतर गया।
मौके पर ही हो गई मौत
पुलिस पूछताछ में दीपक ने बताया कि उसने ट्रक में रखे स्टेपनी के औजार से कैलाश पर हमला किया। पुलिस के अनुसार लगातार वार किए जाने से कैलाश की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव सड़क किनारे फेंक दिया गया।
शव की शिनाख्त के बाद खुली साजिश
आठ सितंबर को बरवाला बाईपास के पास सड़क किनारे अज्ञात शव मिलने की सूचना पर परिजन महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा की मोर्चरी पहुंचे। वहां शव की पहचान कैलाश के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज कर दीपक को काबू किया और उसकी पूछताछ के आधार पर राधा को गिरफ्तार किया।
राधा जेल भेजी, दीपक दो दिन के रिमांड पर
जांच अधिकारी एसआई कृष्ण कुमार ने बताया कि राधा को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। दीपक को अदालत से दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान उससे वारदात में इस्तेमाल स्टेपनी के औजार की बरामदगी और अन्य साक्ष्यों के बारे में पूछताछ की जाएगी। तीसरे आरोपी दीपचंद की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।