डिफॉल्ट जमानत की मांग
ज्योति के वकील ने डिफॉल्ट जमानत के लिए एक याचिका दायर की थी, जिसमें दावा किया गया कि पुलिस ने 90 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर पूर्ण चार्जशीट पेश नहीं की और मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। ज्योति मल्होत्रा को न्यू अग्रसेन एक्सटेंशन से गिरफ्तार किया गया था और उन पर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया था। 9 जून को उनकी नियमित जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया था। पुलिस ने तब जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि मामले की जांच अभी जारी है।
पुलिस का दावा
हिसार पुलिस ने पहले कहा था कि ज्योति मल्होत्रा के पास सैन्य या रक्षा से संबंधित किसी भी जानकारी तक पहुंच का कोई सबूत नहीं मिला है। हालांकि, पुलिस ने दावा किया कि वह कुछ लोगों के संपर्क में थी और उसे पता था कि ये लोग पाकिस्तानी खुफिया एजेंट हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ज्योति मल्होत्रा नवंबर 2023 से पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी दानिश के संपर्क में थी। भारत ने 13 मई को दानिश को जासूसी के आरोप में निष्कासित कर दिया था।
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