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Hisar News: दो दशक बाद जेपी ने कांग्रेस के लिए लगाया जीत का चौका

Wed, 05 Jun 2024 02:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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सुरेंद्र दलाल
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हिसार। हिसार लोकसभा सीट पर दो दशक से जीत के लिए तरस रही कांग्रेस के लिए जयप्रकाश उर्फ जेपी ने जीत का चौका लगा दिया है। वहीं, भाजपा प्रत्याशी को छोड़ 26 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है। कांग्रेस की जीत के बाद समर्थकों ने गुलाल उड़ा और ढोल बजाकर जश्न मनाया।
इस सीट पर वर्ष 2004 में जयप्रकाश ही कांग्रेस की ओर से आखिरी सांसद बनकर लोकसभा पहुंचे थे। 2004 चुनाव के बाद लोकसभा के 3 आम चुनाव और एक उपचुनाव हुआ। चारों चुनावों में ही कांग्रेस प्रत्याशी चारों खाने चित्त रहे। प्रत्याशी के जीत की दहलीज पर पहुंचना तो दूर की बात दूसरे नंबर पर भी नहीं पहुंच सके। 2011 के उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी रहे जयप्रकाश, वर्ष 2014 आम चुनाव में प्रो. संपत सिंह व 2019 में भव्य बिश्नोई की जमानत जब्त हो गई थी।
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सात बार लोकसभा का चुनाव लड़ने का अनुभव रखने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश ने दूसरी बार लोकसभा में उतरे भाजपा के रणजीत सिंह को 63381 वोट से हरा दिया। जयप्रकाश को 5,70,424 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी रणजीत सिंह को 5,07,043 मत मिले। रणजीत सिंह हिसार सीट पर 1998 में कांग्रेस के टिकट पर उतरे और तीसरे नंबर पर रहे। अब 26 साल बाद भाजपा से टिकट लेकर आए लेकिन जीत नहीं पाए। वे दूसरे नंबर पर रहे हैं। तीसरे नंबर पर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी देशराज रहे। इनेलो प्रत्याशी सुनैना चौथे व जजपा प्रत्याशी नैना चौटाला पांचवें स्थान पर रहीं।
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देवरानी-जेठानी मतगणना केंद्र पर भी नहीं पहुंचीं
जजपा प्रत्याशी नैना चौटाला व इनेलो प्रत्याशी सुनैना चौटाला को अपने वोट के बारे में पहले से ही अनुमान था। इसके चलते देवरानी-जेठानी मतगणना केंद्र पहुंची ही नहीं। इन पार्टी के जिला अध्यक्ष तक नहीं आए। वर्ष 2014 के चुनाव में इनेलो प्रत्याशी के तौर पर दुष्यंत चौटाला सांसद बने थे। 2019 के चुनाव में जजपा प्रत्याशी के तौर पर दूसरे स्थान पर रहे। इस बार जजपा को पांचवें स्थान पर खिसक गई। वहीं, चौधरी रणजीत सिंह मतगणना केंद्र पहुंचे। हिसार विधानसभा की मतगणना होने पूरी होने से पहले ही रणजीत सिंह केंद्र छोड़ कर चले गए।
कांग्रेस : जेपी की जीत के कारण
2022 में आदमपुर उपचुनाव में बिश्नोई परिवार के सामने 51,000 वोट हासिल करने के बाद मजबूत आत्मविश्वास।

किसान आंदोलन में किसानों के पक्ष में खड़ा होना।
खुद को जमीनी स्तर का कार्यकर्ता की तरह से दिखाते हुए जुड़ाव बनाना।
लोकसभा क्षेत्र के लोगों की समस्याओं, शिकायतों की जानकारी, नब्ज पकड़ने में माहिर।
उकलाना, नारनौंद, उचाना विधानसभा में कांग्रेस के लिए एकतरफा माहौल बनना।
हिसार की सीट पर जीत का अनुभव।
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भाजपा : रणजीत सिंह के हार के कारण
ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा के प्रति गहरा आक्रोश होना।
भाजपा संगठन की भीतरीघात, पैसे के गबन तक के अफवाहें।
रणजीत सिंह का पूरा भाषण केवल नरेंद्र मोदी पर केंद्रित रहना।
अनुसूचित वर्ग का वोट भाजपा की बजाए कांग्रेस की ओर स्थानांतरित होना।
विरोध होने के बाद भी पूर्व सीएम मनोहरलाल का हिसार में प्रचार करना, जिससे नकारात्मक असर गया।
लोकसभा चुनाव 2014 का ब्योरा
प्रत्याशी - पार्टी - मत मिले - मत प्रतिशत
दुष्यंत चौटाला - इनेलो - 4,94,478 -42.75
कुलदीप बिश्नोई- हजकां-भाजपा 4,62,631- 39.99
प्रो. संपत सिंह -कांग्रेस - 1,02,509 - 8.86

लोकसभा चुनाव 2019 का ब्योरा
बृजेंद्र सिंह -भाजपा - 6,03,289 - 51.13
दुष्यंत चौटाला - जजपा - 2,89,221 - 24.51
भव्य बिश्नोई कांग्रेस - 1,84,369 - 15.66
सुरेश कौथ - इनेलो - 9,761 - 0.85
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