जेएनयू हिंसा मामले के विरोध में जीजेयू में प्रदर्शन करते विद्यार्थी।
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों पर हुए हमले के विरोध में मंगलवार को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने जेएनयू में हुए हमले की निंदा की और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, इस प्रदर्शन की खबर मिलने पर विश्वविद्यालय के एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री गौरव कादियान के नेतृत्व में विरोध करने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विद्यार्थियों ने वामपंथी मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए वामपंथी छात्र संगठनों का पुतला भी फूंका। दोनों संगठनों के प्रदर्शन और नारेबाजी के हिंसक होने की आशंका से विश्वविद्यालय की सिक्योरिटी भी मुस्तैद हो गई और प्रदर्शन के दौरान नजर बनाए रखी। यह दूसरी बार था, जब दोनों पक्षों के विद्यार्थी अलग-अलग मुद्दों पर विरोध व समर्थन करते हुए आमने-सामने हुए हों। इससे पहले विद्यार्थियों ने एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन किया, तब भी एबवीपी के विद्यार्थियों ने इसका विरोध करते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की थी।
फेक व्हाट्स एप ग्रुप से साझा कर रहे तस्वीरें : एबीवीपी
एबीवीपी के प्रांत कार्यकारिणी सदस्य गगन शर्मा ने कहा कि जेएनयू में वामपंथी छात्र कुछ फेक व्हाट्स एप ग्रुप के स्क्रीन शॉट और अपने ही नकाबपोश वामपंथी साथियों को एबीवीपी का बताकर कुछ तस्वीरें साझा कर रहे हैं, जो कि फेक हैं और उनके स्वयं के लोगों की हिंसा में लिप्त होने को उजागर कर रही हैं। प्रदेश सह मंत्री गौरव कादियान ने बताया कि जेएनयू में पढ़ रहे अभाविप के कार्यकर्ताओं पर जिस तरह कल हमला हुआ, वह निंदनीय है। इस दौरान चेतन शर्मा, आशीष, मारुति, शुभम, रोहित गेला, विकास, पारस, नितिश, सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हमलावरों के खिलाफ हो कार्रवाई : विद्यार्थी
दूसरी तरफ, प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों का नेतृत्व कर रहे शोधार्थी अमरजीत ने बताया कि छात्रों और शिक्षकों पर हमला करने वाले लोग घटिया मानसिकता के हैं। शैक्षणिक स्तर, शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-अध्यापक का देश निर्माण में योगदान आदि के बारे में ये लोग कुछ नहीं जानते। उन्होंने हमलावरों पर जल्द कार्रवाई की मांग की। इस दौरान अकबर बागोरिया, दीप मौली, अनुभव, संजू बौध, सचिन, लक्षिका व अन्य विद्यार्थी मौजूद रहे।