सेंट्रल जेल वन में एक और हवालाती की मौत हो गई। अपनी भाभी के मर्डर मामले में जेल में बंद हवालाती ब्लॉक नंबर सात के टॉयलेट में फंदे से झूल गया।
हवालाती की पहचान नारनौंद के गांव बड़ छप्पर निवासी 25 वर्षीय सोमबीर के रूप में हुई है। वह अपनी भाभी करिश्मा के मर्डर मामले में करीब एक महीने से जेल में बंद था। मामला मंगलवार दोपहर बाद का है। वह बैैरक से घर फोन करने की बात कहकर आया था।
जब वार्डर की ड्यूटी बदली तो गिनती के समय एक हवालाती कम मिला। जब पुलिस ने तलाश शुरू की तो एक टॉयलेट अंदर से बंद मिला। पुलिस को शक हुआ। सिपाही सुरजीत ने टेबल लगाकर दूसरे टॉयलेट की दीवार से देखा तो सुखबीर अंगोछा रोशनदान की कुंडी से बांधकर फंदे से लटका हुआ था। पुलिस ने दरवाजे की कुंडी तोड़कर उसे बाहर निकाला और परिजनों को सूचना दी।
मजिस्ट्रेट पहुंचे डेड हाउस, होगी जांच
जेल में कैदी के फांसी लगाए जाने के मामले के बाद मजिस्ट्रेट बुधवार को समान्य अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मौके का मुुआयना किया। मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीएलए चौकी पुलिस के एएसआई सुरेश ने बताया है कि पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
मां व बेटा मर्डर मामले में थे जेल में बंद
पुलिस ने बताया है कि 30 मई को गांव बड़छप्पर में करिश्मा नाम की महिला की मौत हो गई थी। मृतक करिश्मा के परिजनों ने उसे जहरीला पदार्थ खिलाकर फिर गला दबाकर मारने का आरोप लगाया था। हत्या का आरोप सोमबीर व उसकी मां संतोष पर था। करिश्मा का पति फौजी है। हत्या मामले में सोमबीर व उसकी मां जेल में बंद थे।
मृतक का चाचा बोला बुजदिल नहीं था सोमबीर
पुलिस ने मंगलवार शाम को ही मृतक के परिजनों को फोन कर दिया। मृतक के चाचा बलजीत बुधवार को जब शव लेने के लिए सामान्य अस्पताल पहुंचे तो उन्होंने इस मामले को आत्महत्या नहीं हत्या बताया है।
बलजीत ने कहा है कि पिछले सप्ताह ही बुुधवार को वह सोमबीर से मिला था। उन्होंने कहा कि हमारा सोमबीर इतना बुजदिल नहीं था। जरूर उसे किसी ने मारकर लटका दिया होगा। उन्होंने प्रशासन से न्याय की मांग की है।
एक माह पहले पिता भी कर चुके आत्महत्या
बलजीत ने बताया है कि सोमबीर व उसकी मां जेल में हैं। उनका कहना है कि करिश्मा ने भी आत्महत्या की थी। आरोप है कि करिश्मा के परिजनों ने सोमबीर व उसकी मां को झूठे केस में फंसा दिया था। इससे सोमबीर का पिता हनुमान भी परेशान था, जिसने भी फंदा लगाकर पिछले महीने ही आत्महत्या कर ली थी।
सेंट्रल जेल वन में मौत का यह दूसरा मामला
सेंट्रल जेल वन में दो सप्ताह के अंदर यह दूसरा मामला है। 23 जून को इससे पहले डाटा निवासी 25 वर्षीय कमल की मौत हो गई थी। मृतक की मां कमला ने पुलिस पर ठेकेदारों द्वारा साजिश के तहत गिरफ्तार करवाने का आरोप लगाया था।
मां ने यह भी आरोप लगाया था कि पुलिस ने उसे अवैध तरीके से हिरासत में रखा। परिजनों को सूचना तक नहीं दी कि उनका बेटा हवालात में हैं। वे तो उसकी तलाश कर रहे थे। पुलिस ने मारपीट कर उसे जेल में डाल दिय। जेल प्रशासन ने उसका इलाज तक नहीं करवाया और कमल ने दम तोड़ दिया था। इस मामले की भी मजिस्ट्रेट खुद जांच कर रहे हैं।